दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर टोल में आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए एनएचएआई ने वाहन चालकों को राहत दी है। जब तक ऑप्टिकल फाइबर केबल जोड़ने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती है तब तक मेरठ से सरायकाले खां तक टोल 155 के बजाय 85 रुपये देना होगा। अगले दो-तीन दिनों तक डूंडाहेडा टोल केंद्र तक तय शुल्क ही काटा जाएगा।
दो दिन पहले गाजियाबाद से लेकर सरायकाले खां तक असमाजिक तत्वों ने ऑप्टिकल फाइबर केबल के साथ छेड़छाड़ की है। इससे इंदिरापुरम, गाजियाबाद से मेरठ आने वाले वाहनों से सरायकाले खां से मेरठ तक का 155 रुपये टोल काटा जा रहा था। वाहन चालकों ने एनएचएआई के हेल्पलाइन नंबर 1033 पर शिकायत दर्ज की पर समाधान नहीं हो रहा था।
मांगा जा रहा कार और टायर का फोटो
तय शुल्क से अधिक टोल काटे जाने के बाद नाराज वाहन चालक हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर रहे हैं। इसके बाद उन्हें एक व्हॉट्सएप नंबर दिया जा रहा है। वाहन, टायर, आरसी का फोटो भेजने के लिए भी कहा जा रहा है। इसको लेकर भी लोगों में गुस्सा है। उनका कहना है कि जब तक टोल ठीक प्रकार से काम नहीं कर रहा है तो उसे बंद किया जाना चाहिए।
हमारा बहुत नुकसान हो गया
एनएचएआई के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार का कहना है कि ऑप्टिकल फाइबर केबल के अलावा कैमरे आदि टूट गए हैं। इससे एनएचएआई का काफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा जब तक अब समस्या का समाधान नहीं होगा। तब तक वाहन चालकों को डूंडाहेडा का तय 85 रुपये टोल ही देना होगा। इसका भी अतिरिक्त भार एनएचएआई ही झेलेगा।