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- फोटो : अमर उजाला
वन महोत्सव में मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने भी अपनी भागीदारी दिखाते हुए लगभग 40 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा किया था। अब उनकी देखभाल करने के लिए एमडीए के पसीने छूट रहे हैं। अमर उजाला टीम ने शनिवार को किला रोड से मवाना रोड को जाने वाली गंगानगर एक्सटेंशन रोड का दौरा किया तो सच सामने आया। यहां पौधे सूखने लगे हैं। वहीं, जिन स्थानों पर पौधरोपण किया गया है, वहां कोई पानी या खाद की व्यवस्था भी नजर नहीं आई। इससे साफ प्रतीत हो गया कि एमडीए का भी यही खेल है कि पहले लगाओ और फिर सूखा दो पौधे।
एमडीए ने इस बार पीपल और नीम कॉरिडोर बनाने की घोषणा की थी। इसमें गंगानगर एक्सटेंशन और गंगानगर डिवाइडर रोड पर पीपल और नीम के पौधे लगाए जाने थे। एमडीए उपाध्यक्ष मृदुल चौधरी और सचिव चंद्रपाल तिवारी ने भी पौधरोपण किया था। उसी समय देखभाल करने की जिम्मेदारी भी तय की गई थी। वहीं, अर्बन सीलिंग की कब्जामुक्त जमीन पर भी एमडीए ने पौधरोपण किया। यहां भी हालात ऐसे ही नजर आ रहे हैं। अगर पानी समय पर नहीं मिलेगा तो पौधे पेड़ नहीं बन सकेंगे।
चार हजार पौधे एक साथ एक्सटेंशन रोड पर लगाए
यहां पीपल सहित अन्य प्रजाति के पौधे लगाए गए। एमडीए के उद्यान विभाग की ओर से अभियान को सफल बनाने का दावा किया गया, जिससे विभाग वन महोत्सव के लक्ष्य में सबसे आगे दिखाई दे सके। वन महोत्सव से एक दिन पहले ही 30 हजार पौधे लगाने का दावा किया गया लेकिन अब असलियत सामने आ रही है। अगर एमडीए ने पौधों की देखभाल की सुध नहीं ली तो सभी पौधे सूख जाएंगे।
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जिम्मेदार पर होगी कार्रवाई
अगर पेड़ सूख रहे हैं तो उद्यान विभाग को निर्देश देकर चेक कराया जाएगा। कोई भी पेड़ सूखने नहीं दिया जाएगा। जिम्मेदार कर्मचारी व अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी।
- मृदुल चौधरी, उपाध्यक्ष एमडीए