नीरज सोनभद्र में हॉस्टल में रहते हैं, लॉकडाउन में घर पर ही आ गए। सुनील चौहान ने बताया रोजगार को लेकर चिंतित हैं, समय मिलता है तो अभ्यास करते हैं। लेकिन वर्तमान का मुश्किल समय कैसे कटेगा, यह सोचकर परेशान रहते हैं।
एडवोकेट रामकुमार ने की मदद
एडवोकेट रामकुमार गुप्ता ने दोनों खिलाड़ियों की 11 हजार रुपये की आर्थिक मदद की। इसके अलावा दोनों खिलाड़ियों की कहानी बताते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करते हुए लोगों से इन खिलाड़ियों की मदद की गुहार भी लगाई।
खेल विभाग ने नहीं जारी किया वेतन
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आले हैदर ने बताया कैंटीन में अस्थायी कर्मचारी कार्य करते हैं। लॉकडाउन में अस्थायी खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति भी अटकी है। ऐसे में खेल विभाग द्वारा ही वेतन जारी नहीं किया गया। खिलाड़ियों की मदद के लिए उच्च अधिकारियों से बता की है। अधिकारियों ने मदद का आश्वासन दिया है।
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