पांच सितंबर की मुजफ्फरनगर में होने वाली किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए चौधरी नरेश टिकैत गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक को मनाने के लिए शामली के लिसाढ़ गांव में पहुंच गए। उनसे मुलाकात कर टिकैत ने कहा कि पांच सितंबर की किसान महापंचायत में आओगे ठीक है, नहीं आओगे, कोई बात नहीं, मगर पांच सितंबर की मुजफ्फरनगर किसान महापंचायत का विरोध मत करना। वहीं राजेंद्र सिंह मलिक का कहना है कि वह किसान महापंचायत का विरोध नहीं करेेंगे, लेकिन वह पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर नहीं जाएंगे।
गठवाला खाप को पंचायत में शामिल होने और मनमुटाव खत्म करने के चौधरी नरेश टिकैत बृहस्पतिवार शाम लिसाढ़ गांव में गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र सिंह मलिक घर मुलाकात की। 40 मिनट की मुलाकात में दो खाप चौधरियों ने आपस के गिल्ले शिकवे दूर करने पर चर्चा की।
चौधरी राजेंद्र मलिक ने बताया कि सिसौली में भाजपा विधायक उमेश मलिक की कार के ऊपर हमले के बाद दोनो पक्षों में फैसला करने के लिए चौधरी नरेश टिकैत से अनुरोध किया था। टिकैत ने मध्यस्था करने वाले कुछ लोगों से उन्हें कहला वाया था कि वह लिसाढ़ आना चाहते हैं। लिसाढ़ पहुंचकर चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि वह बुलावे पर लिसाढ़ पहुंचे हैं।
पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में महापंचायत में भारी संख्या में शामिल होने का अनुरोध किया। राजेंद्र सिंह मलिक का कहना है कि वह पांच सितंबर की किसान महापंचायत का विरोध नहीं करेेंगे। मगर वह पांच सितंबर की महापंचायत में मुजफ्फरनगर नहीं जाएंगे। नरेश टिकैत ने कहा कि गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र सिंह मलिक के चाचा देवी सिंह के निधन पर गांव गए थे।
गाजीपुर बॉर्डर के लिए चरण सिंह से जिम्मेदारी वापस ली
गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक ने बताया कि लिसाढ़ गांव से गाजीपुर बॉर्डर पर चौधरी चरण सिंह को गठवाला खाप की जिम्मेदारी देकर भेजा था। चौधरी चरण सिंह परिवार का है। अब वह जिम्मेदारी चौधरी चरण सिंह से लेकर अपने आप खुद निभाएंगे।