मेरठ। दिन निकलते ही जिला अस्पताल सहित चार अस्पतालों में 94 लोगों को भर्ती कराया। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के हर दूसरे बेड पर लोग बेहोश पड़े थे। बच्चे, महिला व पुरुषों की हालत देखकर डॉक्टर, नर्स स्टाफ में भी अफरातफरी मची हुई थी। दोपहर बाद लोगों को होश आया, तब जाकर उन्होंने आपबीती बताई। जिला अस्पताल में भर्ती गणेशपुरी निवासी रेखा, गौतमनगर ब्रह्मपुरी निवासी सुषमा और उसकी बेटी वीनी ने बताया है कि बुधवार रात कुट्टू के आटे की रोटी बनाकर खाई। करीब दो घंटे बाद दम घुटने लगा और सांसें फूलने लगी थीं।
नवरात्र के पहले दिन बुधवार को कुट्टू का आटा खाना लोगों को भारी पड़ गया। रात में हालत बिगड़ने पर सुबह अस्पताल में बच्चे, महिला और पुरुषों को भर्ती कराने का सिलसिला चला है। हल्ला मचा तो अस्पताल में लोगों का हाल जानने के लिए लोगों का तांता लगने लगा। भाजपा नेता विवेक वाजपेयी, शशांक गुप्ता व अन्य लोग अस्पताल पहुंचे। दोपहर बाद महिला, बच्चों और पुरुषों ने होश आने पर जानकारी दी। लोगों ने बताया कि कुट्टू का आटा खाने के दो घंटे बाद कंपकंपी छूट गई। दम घुटने लगा और सांस लेने में दिक्कतें आने लगीं।
स्थानीय डॉक्टर से दवाई ली लेकिन आराम नहीं मिला। देर रात हालत बिगड़ती गई। बृहस्पतिवार सुबह छह बजे से लोग जिला अस्पताल, ब्रह्मपुरी थाने के पास निजी अस्पताल सहित चार अस्पतालों में 94 लोग भर्ती हुए। दोपहर तक उनके परिवार दहशत में रहे। होश आने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। पुलिस का कहना कि कुट्टू का आटा बेचने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई होगी। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच करने में जुटी है। ब्रह्मपुरी इलाके में एक साथ कुट्टू का आटा खाने से 94 लोगों की हालत खराब होना चिंता का विषय है।
अस्पताल में मची रही अफरातफरी
सुबह छह बजे से अस्पताल में अफरातफरी मची रही। डॉक्टर और स्टाफ नर्स लोगों की जान बचाने में जुट गए। गनीमत रही कि दोपहर तक स्थिति सामान्य हो गई। तब जाकर डॉक्टरों ने भी राहत की सांस ली। जिला अस्पताल की स्टाफ नर्स इंचार्ज कौशल्या गौतम का कहना कि जानकारी लगते ही इमरजेंसी में स्टाफ लग गया था। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में नौ लोग भर्ती हुए हैं। डॉक्टरों के साथ स्टाफ नर्स छह घंटे तक लोगों के इलाज करने के लिए जुझती रही। अब सबकी हालत ठीक है।