मुजफ्फरनगर में कवाल कांड को लेकर सात सितंबर 2013 को नंगला मंदौड़ में हुई पंचायत में भड़काऊ भाषण देने और धार्मिक उन्माद फैलाने के मामले में एसीजेएम द्वितीय की कोर्ट ने सांसद डॉ. संजीव बालियान, विधायक उमेश मलिक और साध्वी प्राची के गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर इनके खिलाफ एनबीडब्ल्यू की कार्रवाई हुई है।
जानसठ कोतवाली के गांव कवाल में 27 अगस्त 2013 को मलिकपुरा के ममेरे भाइयों सचिन और गौरव की निर्मम हत्या कर दी गई थी। कवाल कांड को लेकर सात सितंबर 2013 को नंगला मंदौड़ में पंचायत हुई थी, जिसके बाद ही जिले में दंगा भड़क गया था। नंगला मंदौड़ पंचायत में भड़काऊ भाषण देने और धार्मिक उन्माद फैलाने के दो मुकदमे सिखेड़ा थाने में दर्ज कराए गए थे। फिलहाल ये मुकदमे एसीजेएम द्वितीय अंकुर शर्मा की कोर्ट में चल रहे हैं। कोर्ट में 29 मई को सभी को पेश होना था, मगर अधिकांश उपस्थित नहीं हुए। पेश नहीं होने पर अदालत ने पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ. संजीव बालियान, बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक और साध्वी प्राची के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।
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न्यायालय ने 22 जून तक सांसद बालियान, एमएलए मलिक और साध्वी प्राची को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए है। नंगला मंदौड़ की पंचायत के मुकदमों में गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा, बिजनौर सांसद भारतेंद्र सिंह, सरधना विधायक संगीत सोम आदि भी अदालत में पेश नहीं हुए, लेकिन उनके अधिवक्ताओं की ओर से कोर्ट के समक्ष हाजिरीमाफी के प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर दिए गए। उल्लेखनीय है कि सांसद डॉ बालियान, विधायक उमेश मलिक और साध्वी प्राची के खिलाफ इन मुकदमों में पहले भी गैर जमानती वारंट जारी हो चुके हैं।
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