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गिरफ्तार: सिर पर ईंट मारकर की सचिन की हत्या, लूटे मोबाइल से ली सेल्फी, मृतक की बाइक से पेट्रोल निकाल शव जलाया

Tue, 01 Oct 2024 01:47 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के अति सुरक्षित कहे जाने वाले छावनी क्षेत्र में हत्या की वारदात से सनसनी फैल गई। युवक की हत्या कर शव जलाया गया था। पहचान हुई तो पुलिस ने जांच तेज की। आरोपियों को पकड़ लिया गया। एक सेल्फी के दम पर पुलिस ने पूरी वारदात का खुलासा किया है।
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सचिन हत्याकांड का खुलासा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फास्ट फूड विक्रेता सचिन प्रजापति की हत्या का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर ही खुलासा कर दिया। एसएसपी ने टीम को 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है। सचिन की हत्या बाइक और मोबाइल लूटने के लिए की गई थी।

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आरोपी मन्नू और संजय को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तीसरा आरोपी विजय अभी फरार है। पुलिस पूछताछ में  दोनों आरोपियों ने पूरी घटना का सच उगल दिया। कैसे एक सेल्फी से इस पूरी वारदात का खुलासा हुआ आइए जानते हैं।
 

सचिन का फाइल फोटो बाएं - फोटो : अमर उजाला
कंकरखेड़ा रेलवे ओवरब्रिज के नीचे 510 आर्मी बेस वर्कशाप क्रेडिट को-ऑपरेटिव बैंक के पास शुक्रवार सुबह युवक का अधजला शव मिला था। पुलिस और फोरेंसिक टीम को घटना स्थल पर पहुंचकर जांच की। मौके से बीयर और शराब की खाली बोतलें मिलीं थीं।

आशंका जताई जा रही थी कि शराब पिलाने के बाद युवक की हत्या की गई और पहचान मिटाने के मकसद से शव जला दिया गया। शव के पास ही खून से सनी सीमेंट की टाइल व ईंट पड़ी थीं और खून फैला था।  

इस हत्या के बाद से पुलिस युवक की पहचान कराने में जुटी थी। मृतक पास से मिले पैनकार्ड के जरिए युवक की पहचान सचिन प्रजापति के रूप में हुई थी। सचिन के पिता सुखवीर और मां मुकेश देवी पल्लवपुरम के डौरली में रहते हैं।

सचिन डौरली में फास्ट फूड की दुकान चलाता था। वह पत्नी मोनिका, पांच वर्षीय पुत्र दक्ष और 11 माह के दूसरे पुत्र के साथ कंकरखेड़ा के नंगलाताशी में रहता था।

जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
पुलिस सचिन के हत्यारोपी को खोज रही थी कि इसी दाैरान सचिन का मोबाइल कंकरखेड़ा के पास कचरे के ढेर से बरामद हुआ। पुलिस ने मोबाइल खंगाला तो उसमें एक सेल्फी मिली। उसी समय ये सेल्फी ली गई थी जिस वक्त सचिन की हत्या हुई। ये सेल्फी ट्रेन की सीट पर ली गई थी जिसमें  ट्रेन सीट का नंबर भी दिख रहा था।

पुलिस इस सेल्फी को लेकर स्टेशन पहुंची और वहां पूछताछ की। आखिरकार सीसीटीवी कैमरे और जांच पड़ताल के बाद कड़ियां जुड़ने लगीं। दरअसल स्टेशन पर ठेला लगाने वाले व्यक्ति ने इस सेल्फी में दिख रहे व्यक्ति की पहचान मन्नू के रूप में की जो हर रोज स्टेशन पर घूमने आता था।

पुलिस ठेले वाले की मदद से मन्नू तक पहुंच गई। पुलिस ने मन्नू से पूछताछ की तो उसने पूरा सच उगल दिया। उसने पुलिस को बताया कि हत्या के बाद सचिन से लूटे गए मोबाइल से उसने सेल्फी ली थी। आरोपियों ने सचिन को उसकी ही बाइक से पेट्रोल निकालकर पहचान मिटाने के लिए जलाया था। तीनों आरोपी पहले से सचिन को जानते थे। 

आरोपी युवक - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि घटना की जांच में जुटी पुलिस ने मन्नू आर्या निवासी जवाहरपुरी कंकरखेड़ा और संजय निवासी इंदिरा मार्किट लोनी गाजियाबाद को गिरफ्तार कर लिया। मन्नू फिलहाल कंकरखेड़ा फ्लाईओवर के नीचे रह रहा था। जबकि संजय न्यू अशोकपुरी कंकरखेड़ा में अपने बहनोई नरेश के यहां रह रहा था। 

मन्नू की निशानदेही पर घटना के समय पहनी खून से सनी शर्ट बरामद की। आरोपियों ने बताया कि सचिन ओवरब्रिज के नीचे शराब पी रहा था। उन्होंने विजय निवासी बादाम मंडी कंकरखेड़ा के साथ मिलकर सचिन से बाइक और मोबाइल लूटने का प्रयास किया।
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हत्यारोपी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अनुसार विरोध करने पर सचिन के सिर पर ईंट मारकर मरणासन्न कर दिया। उसकी जेब से मोबाइल फोन निकाल लिया। पैनकार्ड और एटीएम कार्ड वहीं फेंक दिए। आरोपी विजय को पुलिस तलाश कर रही है। एसएसपी ने एसपी सिटी और सीओ कैंट के नेतृत्व में तीन टीमें गठित की थी। 

दरअसल सचिन के पास एप्पल आईफोन था। आरोपी मन्नू ने हत्या के बाद सेल्फी ली और फिर मोबाइल ऑफ करना चाहा लेकिन वह इसे स्विच ऑफ नहीं कर पाया। पकड़े जाने के डर से वह मोबाइल को कचरे में फेंक कर चला गया। इसी मोबाइल में मिली सेल्फी से कड़ियां जुड़ती चली गईं और पुलिस ने 48 घंटे के भीतर इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
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