जनवरी 2022 से महायोजना-2031 लागू हो जाएगी। नई महायोजना लागू होने के बाद इन सभी स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित किया जाएगा। नए प्लान में मवाना, हस्तिनापुर, सरधना, बहसूमा और लावड़ को मेरठ विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
जनवरी 2022 से महायोजना-2031 लागू हो जाएगी। नए प्लान में मवाना, हस्तिनापुर, सरधना, बहसूमा और लावड़ को मेरठ विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के इन कस्बों में अगले दस साल में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियां तेज होंगी। इससे तरक्की को रफ्तार मिलेगी, रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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मेरठ शहर के चारों तरफ हाईवे, एक्सप्रेसवे और दिल्ली से मेरठ के बीच रैपिड रेल के नेटवर्क से जिले में तरक्की की रफ्तार तेज होने जा रही है। एनसीआर में मेरठ सबसे ज्यादा संभावनाओं वाला शहर बनने जा रहा है। इसी को देखते हुए एमडीए ने 2021 के मास्टर प्लान के मुकाबले 2031 में 1043 वर्ग किलोमीटर में विस्तार का लक्ष्य रखा है।
महायोजना लागू होने के बाद सरधना, मवाना, हस्तिनापुर, सरधना, बहसूमा और लावड़ में आवासीय कॉलोनियां डेवलप होंगी। मेरठ के चारों तरफ 334 करोड़ से रिंग रोड बनाने की तैयारी है। रिंग रोड बनते ही यह सारे कस्बे आपस में बेहतर ढंग से लिंक हो जाएंगे।
पर्यटन की दृष्टि से होगा विकसित
हस्तिनापुर जैन धर्म के बड़े तीर्थ स्थलों में है। सरधना की चर्च दुनिया भर में मशहूर है तो महाभारत काल से जुड़े होने के चलते परीक्षितगढ़ का भी विशेष महत्व है। नई महायोजना लागू होने के बाद इन सभी स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित किया जाएगा।
मेरठ से वाया मवाना, पौड़ी तक एनएच-119 का निर्माण किया जा रहा है। यह हाईवे मवाना और हस्तिनापुर से मेरठ का सफर आसान करेगा। करनाल हाईवे सरधना को और करीब लाएगा।
विकास में आएगी तेजी
एक बार महायोजना-2031 का प्रेजेंटेशन शासन में हो चुका है। वहां से कार्यवृत्त आने के बाद कंसल्टेंट के साथ चर्चा के बाद संशोधित ड्राफ्ट शासन को भेजा जाएगा। नई महायोजना में मवाना, हस्तिनापुर, बहसूमा, लावड़ को भी जोड़ने की तैयारी है। इससे विकास में तेजी आएगी। - मृदुल चौधरी, उपाध्यक्ष, एमडीए