भारतीय जनता पार्टी ने सात एमएलसी प्रत्याशियों से कई समाज को साधने का काम किया है। भूमिहार, क्षत्रिय, वैश्य, गुर्जर, ब्राह्मण और जाट समाज से प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। ऐसे में मेरठ लोकसभा क्षेत्र से भाजपा अब पिछली बार की तरह वैश्य समाज से ही प्रत्याशी घोषित कर सकती है। सहारनपुर से पार्टी ब्राह्मण समाज या क्षत्रिय समाज के प्रत्याशी दांव लगा सकती है। गाजियाबाद से क्षत्रिय समाज से प्रत्याशी बनाया जा सकता है।
पश्चिम उत्तर प्रदेश की 14 में से आठ सीटों के प्रत्याशी घोषित किए जा चुके हैं। बागपत और बिजनौर लोकसभा सीट रालोद के खाते में जा चुकी है। भाजपा को अब मेरठ, सहारनपुर, गाजियाबाद और मुरादाबाद सीट से प्रत्याशी घोषित करने हैं। सहारनपुर और मुरादाबाद हारी हुई सीटें हैं। ऐसे में वहां पर कई-कई दावेदार हैं। मेरठ से तीन बार के सांसद राजेंद्र अग्रवाल और गाजियाबाद से सांसद वीके सिंह के नाम पहली सूची में जारी नहीं किए गए हैं। ऐसे में अटकलें लगाई जा रही हैं, इन दोनों सीटों पर पार्टी नए चेहरों को मौका दे सकती है।
रविवार को इसको लेकर दिल्ली में कोर कमेटी की बैठक होनी थी, लेकिन किन्हीं कारणों से स्थगित हो गई। अब ये बैठक 12 मार्च को होगी। माना जा रहा है कि बैठक के बाद बची हुई सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए जाएंगे। जिस तरह एमएलसी के चुनाव में एक भूमिहार, दो क्षत्रिय, एक वैश्य, एक गुर्जर, एक ब्राह्मण और एक जाट समाज से प्रत्याशी बनाकर सभी को साधने का प्रयास किया गया है, उससे लग रहा है कि मेरठ और गाजियाबाद लोकसभा सीट पर वैश्य और क्षत्रिय समाज से प्रत्याशी उतारा जाएगा।
यह भी पढ़ें: UP: लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी विजेंद्र सिंह ने पार्टी से दिया इस्तीफा, बोले- जल्द ही लेंगे निर्णय