दुकान के अन्दर प्रोविजन स्टोर मालिक शंकर यादव जिंदा जलता रहा और बाहर लोग बचाओ... बचाओ चिल्लाते रहे। लोग शंकर को आग से निकालने के लिए दुकान में घुसने को तैयार थे लेकिन आग की लपटे इतनी भयानक थीं कि कोई उनके नजदीक तक नहीं जा रहा था। सब लोगों की जुबां पर एक ही शब्द था कि भगवान कोई चमत्कर कर दें कि आग धीमी हो जाए और शंकर यादव की जान बच जाए। लेकिन आग बुझते ही लोग दुकान के अन्दर घुसे, जहां शंकर का शव जली हुई हालत में पड़ा मिला और सब की आंखे नम हो गईं।
रात के पौने बारह बजे थे। अचानक राज प्रोविजनल स्टोर में आग की लपटे उठने लगीं। पड़ोसी नरेश ने सबसे पहले आग को देखा। रमेश चिल्लाया तो आसपास के लोग भी जाग गए। पांच-दस मिनट के अंतराल में लोगों की भीड़ लग गई। दुकान में आग लगने की जानकारी पर परिवार के लोग भी वहां पहुंच गए।
देखते ही देखते शंकर की दुकान के बराबर में भी दो दुकानों में आग की लपटे उठने लगीं। दुकान में शंकर है, यह जानकारी पाकर लोग घबरा गए। हर कोई शंकर को बचाने के लिए उत्साहित था पर बेबस था। जानकारी लगने पर फायर बिग्रेड की तीन गाड़ी मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया।
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चोरी से बचने के लिए दुकान में सोता था शंकर
स्थानीय लोगाें ने बताया कि चोरी की लगातार घटना होने के चलते वह दुकान में सोते थे। चोरीतो नहीं हुई लेकिन दुकान को बचाने के लिए जिंदगी जलकर राख हो गई।
तीन फायर बिग्रेड ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू
कंट्रोल रूम से सूचना फ्लैश होने के बाद तीन फायर बिग्रेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। तीनों फायर बिग्रेड ने एक ही दुकान के तीन शटरों को उखाड़कर पानी डालना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे में फायर बिग्रेड की टीम आग पर काबू पा सकी। जब तक शंकर यादव की मौत हो चुकी थी। दुकान का पूरा माल जलकर राख हो गया था।
... तो बच सकती थी जान
आग लगने की जानकारी आसपास के लोगों ने सबसे पहले टीपी नगर पुलिस को दी। फायर कंट्राेल रूम 101 पर भी कॉल किया लेकिन 101 पर फोन रिसीव नहीं हो सका। लोगों का कहना था कि फायर बिग्रेड देर से आई है, जिसके चले दम घुटने के साथ-साथ जलकर शंकर यादव की मौत हुई है।
रोजाना तसले पर लकड़ी जलाकर सोते थे शंकर यादव
आसपास के लोगों ने बताया कि जिस तरह से शीत लहर चल रही है, ठंड से बचाव के लिए रोजाना रात को आठ बजे तसले में लकड़ी जलाकर हाथ पैर शंकर यादव तापा करते थे। रात को सोते समय भी वह अपनी चारपाई के साथ तसला ले जाकर हाथ पैर गर्म करते थे। इसी वजह से आग लगकर उनकी मौत हो गई है।
... जांच में जुटा फायर विभाग
प्रथम दृष्टया जहां टीपी नगर पुलिस अंगीठी से आग लगने की बात कह रही है वहीं दूसरी ओर फायर विभाग एक बाइक मिली है, जिसकी पेट्रोल टंकी का ढक्कन खुला हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि घरेलू कलह में यह आग लगी है। पेट्रोल टंकी से निकालकर यह आग लगाई गई। इसके बाद शटर बंद कर लिये गया। आग बढ़ गई तो फिर बचने का मौका भी नहीं मिला।