रेलवे स्टेशन से घंटाघर तक जय सुभाष
1940 में नेताजी मेरठ आए तो खंदक बाजार से रईस नामक व्यक्ति की बग्गी में बैठाकर नेताजी को रेलवे स्टेशन से शहर में जुलूस के रूप में लाया गया था। हजारों लोगों का हुजूम नेताजी के जयघोष कर रहा था। पंडित प्यारेलाल शर्मा व शांति त्यागी नेताजी के साथ जनसभा में पहुंचे। टाउनहाल के बाद जीआईसी गए, बेगमबाग मैदान में बैठक हुई, कचहरी पुल आरएफ ब्रदर्स होटल गए और पं. पीएल शर्मा के यहां विश्राम किया। जानकारों के अनुसार अप्सरा सिनेमा के मैनेजर देवेंद्र जैन एक टिकट का चार आना ज्यादा लेते थे। टिकट के इन पैसों से नेताजी के कार्यक्रम होते थे।
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दो लोगों ने दी थी मौत की गवाही
पुस्तक नेताजी की रहस्यमय मृत्यु का जिक्र ‘सुभाष बोस की अज्ञात यात्रा’ में है। नेताजी की रहस्यमयी मौत की जांच के लिए 1970 में इंदिरा गांधी सरकार ने आयोग का गठन किया था। आयोग में पंजाब हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश जीडी खोसला थे। मेरठ के महेश चंदर ने गवाही में कहा कि सात अक्तूबर 1967 को नेताजी मेरठ आए थे, मैं उनसे मिला था।
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