परतापुर थाना क्षेत्र में सड़कों पर आवारा पशुओं का बोलबाला है, जो खेतों में जाकर फसलों को नुकसान पहुंचाती हैं। कई बार भाकियू नेताओं ने आवारा पशुओं को लेकर आवाज उठाई थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी।
वहीं, बीती रात छह गाय अचानक मर गई। ग्रामीणों का कहना है कि गायों को जहर देकर मारा गया और जमीन में दबा दिया। बताया गया कि पूर्व प्रधान महेंद्र गुर्जर की चार गाय और दो बछिया मरी हैं। जिनको नरेश के मकान के पीछे दबा दिया गया।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रियंका शर्मा ने बताया कि पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह गुर्जर ने कई माह पहले घर में एक काले कोबरे को मार डाला था, तब से एक काली नागिन उनके घर के आसपास घूमती रहती थी। फिलहाल नागिन से बचाव के लिए पूर्व प्रधान ने अपने चारे के खेत में फोरेट व गैमक्सीन डाल दी थी। जिससे नागिन भाग जाए। तीन दिन पहले पूर्व प्रधान ने खेत का चारा अपने पशुओं को खिलाया, जिससे गायों की मौत हो गई। ग्रामीणों से इस बाबत बात की गई तो ग्रामीणों का कहना है कि पशुचिक्तिसक की बात गले नहीं उतर रही। निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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