कोवाक्सिन और कोविशील्ड से है अलग
कोवाक्सिन और कोविशील्ड की प्वाइंट 5 एमएल की डोज एक बार में लगाई जाती है। यह एक बार में एक ही हाथ पर लगती है। इनकी दो डोज लगाई जाती हैं।
पहली खेप में मिलेंगी 67 हजार डोज
डब्ल्यूएचओ की मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर प्रिया ने बताया कि जिले में शुरू में 67 हजार डोज मिलेंगी। फिलहाल कुल दो लाख डोज मिलनी हैं। इसके लिए कोवाक्सिन और कोविशिल्ड से अलग शिविर लगाए जाएंगे।
डीएनए आधारित वैक्सीन
डॉ. वीपी शर्मा ने बताया कि इस वक्त जहां दुनियाभर में आरएनए वैक्सीन की मौजूदगी सबसे ज्यादा है, वहीं जायडस कैडिला की ये वैक्सीन विश्व की पहली डीएनए आधारित वैक्सीन है। जायकोव-डी बगैर सुई के दी जाएगी। यह बच्चों को भी आसानी से लगाई जा सकती है।