करीब दो महीने से बंद पड़ा पार्षद का कार्यालय भी सोमवार को खोल दिया गया। नगर निगम के अधिकारी सड़क, नाले, सीवर के अधूरे पड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए दिखाई दिए। आचार संहिता लगने के लिए निगम का करीब 16 करोड़ का कार्य रुक गया था। जिसको निगम के अधिकारी अब पूरा करने की बात कह रहे है।
कब चलेगा आईटीएमएस
मुख्यमंत्री योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल 29.59 करोड़ रुपये की लागत से बना आईटीएमएस दो महीने से बंद पड़ा है। इससे सरकार को करोड़ों का नुकसान हो रहा है।
आईटीएमएस लगाने वाली जापान की कंपनी द्वारा कार्य पूरा न करने की बात कहकर नगर निगम पल्ला झाड़ देता है, जबकि कंपनी के अधिकारी दावा करते हैं कि नगर निगम ने पैसा नहीं दिया। इसके चलते आईटीएमएस बंद करना पड़ा। पैसा मिलते ही आईटीएमएस चला दिया जाएंगा। वह चालू स्थिति में ही है।
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महापौर के घर पहुंचे नगर आयुक्त
सोमवार को नगर आयुक्त अमित पाल शर्मा अपने अधिकारियों के साथ गंगानगर स्थित नवनिर्वाचित महापौर हरिकांत अहलूवालिया के घर पर पहुंचे। उन्होंने जीत की बधाई दी और निगम के कार्यों के बारे में जानकारी दी।
कूड़ा निस्तारण पर भी मंथन
एनजीटी ने कूड़ा निस्तारण न करने, कूड़े के पहाड़ लगने पर नाराजगी जताते हुए नगर निगम पर पांच हजार करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है। निगम के अधिकारियों को एक महीने में जवाब देना है।
घरों से गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग उठाने का प्लान भी निगम नहीं बना पाया है। अब नई सरकार बनने पर महापौर और पार्षद भी इसको लेकर निगम के अधिकारियों से सवाल कर सकते हैं। सोमवार को निगम के अधिकारियों ने इस पर मंथन किया।