मेरठ में रैपिड रेल परियोजना के लिए किए गए रूट डायवर्जन का बोझ रोडवेज बसों के यात्रियों को झेलना होगा। दिल्ली से मेरठ आने वाली बसें अब वाया कंकरखेड़ा भैसाली बस अड्डे पर पहुंच रही हैं। इसके चलते दूरी बढ़ गई है। बसों को कैंटोनमेंट का एंट्री टैक्स भी देना पड़ रहा है। इसके चलते किराये में 11 रुपये तक की वृद्धि की जा सकती है।
दिल्ली रोड पर रैपिड रेल केकाम चलने के चलते दिल्ली की ओर से आने वाली बसों और भारी वाहनों का दिल्ली रोड से शहर में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। फिलहाल रोडवेज की बसें एनएच-58 से होकर रोहटा रोड से जलीकोठी होकर भैसाली अड़्डे तक पहुंच रही हैं।
अब इन बसों को प्रशासनिक आदेशानुसार वाया कंकरखेड़ा लाना होगा। इसके चलते दिल्ली से आने वाली बसों को भैसाली अड्डे तक पहुंचने में करीब 10 किलोमीटर ज्यादा सफर करना होगा। इसके चलते रोडवेज पर किराया बढ़ाने का दबाव बढ़ रहा है।
महंगे डीजल से विभाग की हालत पहले ही खस्ता है। मेरठ रीजन के आरएम केके शर्मा का कहना है विभाग ने रूट का सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार कर ली है। मुख्यालय से हरी झंडी मिलते ही किराये में बढ़ोतरी कर दी जाएगी।
करीब 200 बसों का होता है संचालन
भैसाली बस अड्डे से मेरठ और भैसाली डिपो की करीब 200 बसों का संचालन दिल्ली, कौशांबी, गाजियाबाद आदि के लिए होता है। इसके अलावा गाजियाबाद डिपो, कौशांबी डिपो, साहिबाबाद डिपो आदि के साथ ही हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड डिपो की भी बसें भैसाली अड्डे तक आती हैं। अब इन सभी बसों को परतापर से एनएच-58 होते हुए कंकरखेड़ा होकर आना होगा।
दिल्ली जाना नहीं होगा महंगा
मेरठ से दिल्ली की ओर जाने वाली सभी बसें पहले की तरह अपने निर्धारित रूट शहर के अंदर से ही होकर चलेंगी। इसके चलते इसका किराया पहले की ही तरह रहेगा।