कृषक पीजी कॉलेज की प्रबंध समिति सचिव अर्चना वर्मा ने कॉलेज के प्राचार्य और दो शिक्षिकाओं को निलंबित कर दिया है। तीनों पर दो अक्तूबर को राष्ट्रीय ध्वज के अपमान करने का आरोप लगाया है। प्राचार्य ने प्रबंध समिति पर झूठे आरोप लगाते हुए मनमानी करने का आरोप लगाया है।
कृषक पीजी कालेज की प्रबंध समिति सचिव अर्चना वर्मा ने बताया कि प्राचार्य डॉ. प्रभात, सह आचार्य डॉ. सुनीता मौर्या व डॉ. आरती शर्मा को निलंबित कर दिया है। निलंबन पत्र में अर्चना वर्मा ने कहा है कि दो अक्तूबर को 9.30 बजे आप विद्यालय में आए।
इस दौरान आपने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के फोटो पर फूल अर्पित किए। उस समय राष्ट्रीय ध्वज आपके पैरों में जमीन पर पड़ा था। जो राष्ट्रीय ध्वज का अपमान है। प्रथम दृष्टिगत जांच में पाया गया है कि आपने राष्ट्रीय ध्वज का अपमान जानबूझकर किया है, इसके अतिरिक्त आप पर अन्य आरोप भी हैं।
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प्राचार्य बोले, झूठे हैं आरोप
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रभात कुमार का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने का आरोप झूठा है। पंखे की हवा से राष्ट्रीय ध्वज गिर गया था, जिसको सम्मान के साथ उसी समय तुरंत उठा लिया गया था। उन्होंने कहा कि अर्चना वर्मा को उन्हें निलंबित करने का अधिकार नहीं है, क्योकि प्रबंध समिति जनवरी 2021 को कालातीत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि काफी समय से उन पर दोनों प्रोफेसर का वेतन काटने का दबाव बनाया जा रहा था, वेतन नहीं काटने पर उन पर यह झूठा आरोप लगा दिया गया।