शास्त्री नगर की डकैती खोलना बना चुनौती
शास्त्री नगर में सराफ के घर 40 लाख की डकैती की वारदात का खुलासा करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। इस वारदात को नौ दिन बीत गए हैं, लेकिन नौचंदी पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम एक कदम भी नहीं बढ़ सकी। एसटीएफ और सर्विलांस टीम भी 50 से अधिक मोबाइल की सीडीआर खंगालने तक सिमटी है।
बदमाशों ने सराफ तेजपाल वर्मा, उनकी पत्नी शशि और बेटे कपिल को बंधक बनाकर इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया था। इस घटना के खुलासे के लिए सर्विलांस और क्राइम ब्रांच व पुलिस की चार टीमें लगी हैं। वहीं, एसटीएफ अलग से काम कर रही है। एडीजी जोन राजीव सभरवाल पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर जानकारी ले चुके हैं।
लूट का भी खुलासा नहीं
26 अप्रैल 2019 को प्रेम प्रयाग कॉलोनी निवासी प्रवीण वशिष्ठ का मुनीम अंकित मितल निवासी एल-ब्लॉक शास्त्रीनगर, बुलंदशहर स्याना और किठौर से 17.88 लाख रुपये लेकर बाइक से मेरठ लौट रहा था। मेरठ-गढ़ मार्ग स्थित माछरा पुलिस चौकी के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने मुनीम से लूटपाट की थी। बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा और पुलिस पीड़ित पर ही संदेह जताने लगी। मामला अब ठंडे बस्ते में है।
सीडीआर से बात नहीं बनने पर चुप्पी
किसी वारदात की तह तक पहुंचने के लिए मुखबिर तंत्र के साथ ही तकनीक का सहारा लिया जाता है, लेकिन पुलिस इन दोनों मोर्चों पर विफल रही है। पुलिस का मुखबिर तंत्र कमजोर हो चुका है तो तकनीक के नाम पर पुलिस के पास बस मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट की जांच ही बचती है। सीडीआर से कोई कड़ी न जुड़ने पर पुलिस चुप होकर बैठ जाती है।