यह है निमोनिया
निमोनिया सांस से जुड़ी बीमारी है। इसमें फेफड़े में संक्रमण हो जाता है। फेफड़ों में सूजन आ जाती है और कई बार पानी भी भर जाता है। यह बुखार या जुकाम होने के बाद होता है। पांच साल से छोटे बच्चों को इससे खतरा अधिक होता है। निमोनिया ज्यादातर बैक्टीरिया वायरस या फंगस से होता है। मौसम बदलने, सर्दी लगने, फेफड़ों में चोट लगने के अलावा खसरा और चिकनपॉक्स जैसी बीमारियों से इसकी आशंका बढ़ जाती है।
यह सावधानी बरतें
- कीटाणुओं को फैलने से रोकने के लिए बच्चों के हाथ बार-बार धोते रहें।
- घर में बच्चों की देखभाल के दौरान अपने हाथों की सफाई का भी ध्यान रखें
- शिशु को पहले छह माह तक स्तनपान कराएं
- स्वास्थ्य विभाग की तरफ से निर्धारित टीकें लगवाएं
- तरल पदार्थ का सेवन ज्यादा कराएं
- चिकित्सक की सलाह से भाप लेना भी फायदेमंद रहता है
ऐसे होती है निमोनिया की जांच
निमोनिया विषाणु और जीवाणु दोनों से होता है। इसके लिए खून, बलगम और एक्सरे सहित कई जांचे कराई जाती हैं। आमतौर पर चिकित्सक निमोनिया के लक्षण दिखने पर स्टेथोस्कोप से बच्चे के फेफड़े की जांच करते हैं। इसमें हृदय गति और सांस की गति की भी जांच की जाती है। एक्सरे से फेफड़े की स्थिति देखकर भी निमोनिया की जानकारी मिल जाती है।
यह लक्षण दिखें तो बच्चे ही नहीं बड़े भी कराएं जांच
कई दिन तक बुखार आ रहा हो
पसीने के साथ कंपकपी हो
सीने में दर्द
खांसी आए और गाढ़ा पीला, भूरा या खून के अंश वाला बलमग आ रहा हो
ऐसे पहचाने लक्षण
बच्चे का बार बार खांसना
सांस लेने में दिक्कत महसूस हो
तेज तेज और कम गहरी सांस खींचना
हंसली (कॉलरबोन) से ऊपर पसिलयों के बीच की त्वचा का बार बार अंदर धंसना
सांस लेते वक्त गले से सीटी जैसी आवाज आना
बच्चे के हाथ और अंगुली के नाखून का रंग नीला पड़ना
घर पर भी करें पहचान
- बच्चा दूध पीना छोड़ दे
- अंगुली या होंठ नीला दिखे या सुस्त हो जाए तो चिकित्सक के पास ले जाएं
- उल्टी, दस्त होने, पेट फूलने या सांस तेज चलना
- तलवे व हथेली पीली पड़ना भी निमोनिया का संकेत है
- सप्ताहभर तक सर्दी जुकाम बना रहे, खांसी केसाथ सीने में दर्द, बुखार और सांस लेने में दिक्कत हो
पनप रहे हैं निमोनिया के बैक्टीरिया
ऐसे में बच्चों को सर्दी जुकाम हो जाता है फिर सांस की नली और फेफड़ों का इंफेक्शन हो जाता है नमी की वजह से इस मौसम में निमोनिया के बैक्टीरिया और वायरस को पनपने का मौका ज्यादा मिलता है। अस्पताल में आने वाले ज्यादातर बच्चे निमोनिया से पीड़ित मिल रहे हैं।
- डॉ. श्रीओम, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
आज निकला 70 प्रतिशत को निमोनिया
बृहस्पतिवार को करीब 200 बच्चे ओपीडी में आए, इनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा निमोनिया से पीड़ित थे। मौसम बदल रहा है और सुबह और रात के समय हल्का कोहरा भी है, जिससे बच्चों को परेशानी हो रही है।
- डॉ. प्रशांत कुमार, चिकित्सा अधिकारी, पोषण पुनर्वास केंद्र
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