उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) की परीक्षा में उत्तीर्ण कराने के नाम पर करोड़ों रुपये का खेल किया गया। अभ्यर्थियों से वायदा किया कि उत्तर पुस्तिकाएं बदलकर उन्हें उत्तीर्ण करा दिया जाएगा। फतेहपुर के शिक्षामित्र बालकृष्ण मिश्रा ने गिरोह में कानपुर, मेरठ, बागपत और सोनीपत के सदस्य शामिल किए। शिक्षामित्र की पहुंच लखनऊ में सचिवालय तक है। एसटीएफ इसकी छानबीन करने में जुटी हुई है।
एसटीएफ के सीओ बृजेश सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी बालकृष्ण मिश्रा ही हैं। अब तक 11 सदस्य चिन्हित किए हैं, इनमें दो सॉल्वर हैं। बालकृष्ण की तलाश में दबिश दी जा रही है। असल में गिरोह के बाकी सदस्यों का काम नौकरी की चाह रखने वाले अभ्यर्थियों के कागज, चेक या नगदी को बालकृष्ण तक पहुंचाने की है। इसके बाद सचिवालय में पहुंच का दावा करने वाले शिक्षामित्र का खेल शुरू होता है। दावा किया गया कि उत्तर पुस्तिकाएं बदलकर उत्तीर्ण कराया जाएगा। इसकी कीमत करीब 12 लाख रुपये तय की। अकेले बागपत से ही करीब 70 अभ्यर्थी गिरोह के संपर्क में हैं। आठ प्रवेशपत्र मिलने से आशंका है कि अभी तक आठ अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास कराने का ठेका दिया।