पदाधिकारियों का कहना है कि इस आंदोलन की शुरुआत फरवरी-2021 में की गई थी। पहले चरण में सभी जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिए गए। इसके बाद दूसरे चरण में कॉलोनियों के बाहर लिंक मार्ग की मांग के लिए बैनर लगाए गए। पदाधिकारियों ने आंदोलन को चार चरणों में बांटा है। चौथा चरण इसका अंतिम चरण होगा। इसके बाद पदाधिकारी अंतिम निर्णय लेंगे। प्रेस वार्ता में सरदार राजेंद्र सिंह, विनोद, सचिन गोयल, आशीष गुप्ता, पारस जैन, सुनील, मुकेश, मनीष, गौरव आदि मौजूद रहे।
लिंक मार्ग से ये मिलेगा लाभ
800 मीटर लिंक मार्ग से बागपत रोड से रेलवे रोड जाने के लिए 40 मिनट का सफर समाप्त हो जाएगा। अभी पूरा चक्कर काटकर रेलवे रोड पहुंचा जाता है। इस लिंक मार्ग के बन जाने से सीधा बागपत रोड से रेलवे रोड से मिल जाएगी। जो सिटी स्टेशन संपर्क मार्ग पर जाकर जुड़ेगी। इसमें बीच में सेना की जमीन को लेकर फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही है। कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने एमडीए को इसके निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी थी। एमडीए ने भी अस्पताल और सेना द्वारा बनाए गए आवास का हवाला देते हुए रिपोर्ट तैयार की थी।
ये बोले स्थानीय निवासी
महत्वपूर्ण कार्य मे लेटलतीफी की जा रही है। जबकि इससे लाखों लोगों को राहत मिलेगी। इस कार्य को प्राथमिकता पर करना होगा। - सुनील सिंघल
एक तरफ रैपिड रेल का कार्य आसानी से हो रहा है। इसमें मार्ग तैयार करना है, लेकिन जनप्रतिनिधि भी कोई रुचि नहीं ले रहे। - सरदार देवेंद्र
जनता को जिससे राहत मिले, उस मार्ग को पहले और प्राथमिकता पर तैयार कराना चाहिए। हम लगातार मांग उठा रहे हैं। - मुकेश बंसल