एक साल पहले बनाई थी योजना
खीमचंद ने एक साल पहले दो बीघा जमीन बेच दी थी। अब 16 बीघा जमीन बची थी। बिजेंद्र और वीरसिंह बार-बार अपने पिता से जमीन का हिस्सा मांग रहे थे। वह कहते थे कि अगर जमीन का हिस्सा नहीं दिया तो अंजाम ठीक नहीं होगा। कई बार परिवार में झगड़ा भी हुआ था। खीमचंद सैनी ने कहा था कि वह किसी भी बेटों के जमीन नहीं देंगे। कलयुगी दोनों बेटों ने एक साल पहले ही हत्या की योजना बनाई थी।
विधवा पुत्रवधू का सहारा बनना पड़ा भारी
ग्रामीणों ने बताया कि खीमचंद के बड़े पुत्र रणवीर की 15 साल पहले हार्टअटैक से मौत हो गई थी। रणवीर के दो पुत्र और दो पुत्री हैं। एक पुत्र व एक पुत्री की शादी हो चुकी है। खींमचंद अपने-अपने पोता और पोती के साथ रहते थे। विधवा पुत्रवधू व परिवार की देखभाल की जिम्मेदारी उठा रहे थे। लेकिन खीमचंद से उसके दोनों पुत्र नाराज रहते थे।
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नामजद दोनों बेटों की तलाश में पुलिस की टीम लगी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई है। जल्द ही दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उनकी गिरफ्तारी के बाद पता चलेगा कि हत्या के पीछे वाकई 16 बीघा जमीन का विवाद है या फिर कोई मामला है। गांव में अलग-अलग चर्चा है।
- रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी