कोरोना मरीजों से फोन पर बात करते नोडल अधिकारी
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प्रदेश के राहत आयुक्त व जिले के नोडल अधिकारी रणवीर प्रसाद ने बुधवार को अस्पतालों में भर्ती मरीजों से फोन पर वार्ता की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने मरीजों औऱ तीमारदारों से कहा कि उन्हें शासन ने भेजा है, अगर कोई दिक्कत या परेशानी है तो उन्हें बताएं। इस पर मरीजों-तीमारदारों ने कहा कि अस्पताल में कोई परेशानी नहीं है, अच्छा इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
इससे पहले उन्होंने कलक्ट्रेट स्थित कोविड कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। अलग-अलग जगह बनाए गए सेंटर को एक जगह करने के निर्देश दिए, ताकि सतत निगरानी की जा सके।
उन्होंने कहा कि जितने मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं उनमें से कितने क्रिटिकल हैं, कितने वेंटिलेटर पर हैं व कितने ऑक्सीजन पर हैं, इसकी जानकारी कंट्रोल रूम को होनी चाहिए। उन्होंने अनट्रेक्ड पेशेंट्स को आरआरटी ( रैपिड रिस्पांस टीम) व अन्य माध्यमों से ट्रैक करने के निर्देश दिए।
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कंट्रोल रूम के प्रभारियों को निर्देशित किया कि बच्चों और 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों की अलग-अलग सूची बनाई जाए। भर्ती बच्चों का अस्पतालों से फीडबैक लिया जाए। प्राइवेट अस्पताल कोविड मरीजों से निर्धारित दर के अनुरूप ही चार्ज करें, यह सुनिश्चित किया जाए।
इसके बाद एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर को नियमित रूप से विजिट करने के निर्देश दिए। नोडल अधिकारी ने नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पुलिस लाइन का निरीक्षण कर वहां किए जा रहे हैं वैक्सीनेशन के कार्यों को भी देखा।
इस दौरान सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बीपी शर्मा, सीडीओ एस चौधरी, अपर जिलाधिकारी वित्त पंकज वर्मा, डॉ. सुधीर, डॉ. वीपी शर्मा आदि रहे।