दौड़ते-दौड़ते युवाओं के पैरों में छाले पड़ गए हैं। कुछ की आस टूट चुकी है और सैकड़ों दहलीज पर खड़े हैं। तीन साल से आर्मी और पुलिस की भर्ती न निकलने के कारण इनकी उम्र निकल गई है। अब इनका भविष्य भर्ती निकलने के साथ ही उम्र में छूट देने पर टिका है। युवाओं को आस है कि चुनाव के बाद जो भी सरकार लखनऊ के सिंहासन पर बैठेगी, वह उनकी समस्या का समाधान करेगी।
युवाओं का कहना है भर्ती की तैयारी करते हुए उनके घुटनों का कैल्शियम भी खत्म होने लगा है, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। पश्चिमी यूपी के ग्रामीण युवाओं का सपना सेना, अर्धसैनिक बल और पुलिस में जाने का ही होता है। सेना और पुलिस आदि की भर्ती के लिए फिजिकल डिफेंस एकेडमी जिटौली मेरठ में तैयारी कर रहे युवाओं ने अमर उजाला से अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार कोई भी आए, रोजगार अहम होना चाहिए।
ये बोले युवा
पिछले चार साल से आर्मी और पुलिस की भर्ती के लिए तैयारी कर रहा हूं। भर्ती नहीं आने से उनकी उम्र निकल गई है।
- निखिल कुमार, दादरी हापुड़
सेना में जाने का सपना लेकर तैयारी शुरू की थी, लेकिन तीन साल से भर्ती नहीं निकलने से उम्र निकल गई। अब उम्र में छूट मिलनी चाहिए।
- हरिओम चौधरी, मंडौरा मेरठ
तीन साल पहले भर्ती की तैयारी में लगा था। उम्मीद थी कि सेना या पुलिस में हो जाऊंगा, लेकिन सरकार ने नहीं सुनी। इस बार कुछ होना चाहिए।
- देवेश शर्मा, जानसठ
मई 2019 में सेना की भर्ती आई थी। तब से भर्ती नहीं आई है। उनका जीवन खराब हो गया है। अब उम्र नहीं बची। हमारी समस्या सुननी चाहिए।
- विनय कुमार, बहरामपुर मेरठ
भर्ती नहीं होने से पुलिस में जाने का सपना अधूरा ही रह गया। सरकार ने तीन साल से भर्ती नहीं निकाली। अब कहां जाएं, कुछ समझ नहीं आ रहा।
- विशाल शर्मा, बहरामपुर मेरठ
भर्ती की तैयारी में लाखों रुपये खर्च करके भी कुछ हासिल नहीं हुआ। तीन साल से भर्ती नहीं निकलने से उम्र निकल गई।
- विजय कुमार, कसेरवा शामली
आर्मी या पुलिस में जाने के सपने के साथ तैयारी शुरू की थी। भर्ती न होने से पूरी मेहनत बेकार हो गई। चुनाव के बाद इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
- सचिन कुमार, अहेड़ा बागपत
तीन साल से भर्ती की उम्मीद पर तैयारी में जुटा हूं। भर्ती नहीं आई तो कुछ दिन बाद उम्र निकल जाएगी। समझ नहीं आ रहा क्या करूं।
- सचिन बसौता, पुट्ठा मेरठ
चार साल से भर्ती की तैयारी में जुटा हुआ हूं। तीन साल से भर्ती नहीं निकली। सरकार ने झूठे सपने दिखाए।
- अनिकेत प्रजापति, किला परीक्षितगढ़ मेरठ
घर की आर्थिक हालत सही करने के लिए भर्ती की तैयारी में जुटा हूं। लेकिन तीन साल से भर्ती नहीं आने से दिल टूटने लगा है।
- अर्चित मोतला, दादरी मेरठ