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मंत्री के सख्त तेवर: आंकड़े न बताने पर अधिकारियों पर भड़के, बोले- फील्ड में जाएं अफसर, अब जीपीएस से होगी निगरानी

Thu, 09 Sep 2021 11:05 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

प्रभारी मंत्री और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने आंकड़े मांगे तो अधिकारी जवाब नहीं दे पाए। इस पर मंत्री का गुस्सा भड़क गया और कहा कि आप सभी फील्ड में जाएं। अब सभी की जीपीएस से निगरानी होगी। 
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अधिकारियों के साथ बैठक करते मंत्री श्रीकांत शर्मा। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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‘आप लोग मुख्यालय छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। बैठक में भी आपके पास आंकड़ों की जानकारी नहीं है। जिस तरह से सरकार ईमानदारी से कार्य कर रही है, उसी तरह आप सभी का कार्य कर जनता तक पहुंचें। आपके वाहनों में जीपीएस लगाए जाएंगे, जिससे आपकी लोकेशन पता चल सके।’ ये नाराजगी जिला योजना समिति की बैठक में प्रभारी मंत्री और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने जताई। 

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उन्होंने कई अधिकारियों से सवाल किए लेकिन जवाब न मिलने पर सख्त हिदायत दी। जिलाधिकारी के. बालाजी से कहा कि इनके कार्यों की क्रास चेकिंग कराई जाए। वहीं, योजनाओं के भौतिक सत्यापन के लिए लाभार्थी के पास तक जाएं। बैठक में वित्तीय वर्ष 2021-22 के 388 करोड़ 45 लाख 83 हजार के प्रस्तावों पर सहमति दी गई।

विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने सभी विभागों का लेखा-जोखा जाना। मेरठवासियों को स्वच्छ व शुद्ध पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए जल निगम को निर्देश दिए। मनरेगा के अंतर्गत कराये कार्यों का आडिट कराने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। जिला पंचायत राज अधिकारी रेनू श्रीवास्तव से ग्राम सचिवालयों में पंचायत सचिवों के बैठने का रोस्टर बनाने के संबंध में पूछा। रेनू श्रीवास्तव ने बताया कि यह रोस्टर बना लिया गया है और इसको ग्राम सचिवालयों में प्रदर्शित भी किया गया है। प्रभारी मंत्री ने ग्रामों में रोस्टर का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के लिए कहा, ताकि ग्रामवासियों को इसकी जानकारी हो सके। सिंचाई विभाग के अधिकारी को निर्देश दिया कि जनपद में जितने राजकीय नलकूप संचालित हैं, उनकी विधानसभावार सूची बनाकर संबंधित विधायकों को दें। 
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ये अधिकारी नहीं दे सके जवाब
जिला पंचायत राज अधिकारी रेनू श्रीवास्तव से गांवों में होने वाले दवा के छिड़काव के बारे में पूछा गया। डीपीआरओ ने बताया कि एक बार गांवों में छिड़काव हो गया है। इस पर मंत्री संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने कहा कि आप कौन-से गांव में गई हैं और किसके घर गईं, आप बताएं। इस पर वह जवाब नहीं दे सकीं। उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि कागज पर ये सब नहीं चलेगा, धरातल पर जाकर कार्य करें।

कलक्ट्रेट कैंपस की सड़क खराब होने पर मंत्री ने जिलाधिकारी से पूछा कि ये सड़क कौन बनाता है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी विभाग से बनवा देते हैं। उन्होंने एमडीए उपाध्यक्ष से पूछा कि सड़क का क्या हाल है। इस पर उपाध्यक्ष उनकी बात को समझ नहीं पाए। उन्होंने कहा कि आप समझे नहीं क्या बात चल रही है। मंत्री ने तुरंत कलक्ट्रेट कैंपस की सड़क बनाने के निर्देश दिए।

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परियोजना अधिकारी नेडा जावेद खान से पूछा कि गांवों में सोलर लाइट की क्या व्यवस्था है। इस पर उन्होंने अभी तक लगाई गईं लाइटों की सूचना बताई। मंत्री ने पूछा कि कितनी लाइटें खराब हैं। लेकिन पीओ नेडा जानकारी नहीं दे सके। मंत्री ने कहा कि जब जानकारी नहीं तो बैठक में क्यों आते हो। 

पीडी डीआरडीए मोतीलाल व्यास से मुख्यमंत्री आवास और प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के बारे में जानकारी ली। मंत्री ने पूछा कि जिस लाभार्थी को मकान बनाने की किश्त दी जा रही है, क्या उसका भौतिक सत्यापन करते हो। इस पर पीडी स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। मंत्री ने इस पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी को भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए। 

15 सितंबर से शुरू करें गड्ढा मुक्ति अभियान
लोक निर्माण विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि अब बरसात के बाद 15 सितंबर से सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए। सबसे अधिक उन मार्गों पर ध्यान दें, जो मेरठ के प्रवेश द्वार से जुड़ते हैं। वहीं, बेसिक शिक्षा अधिकारी से कहा कि जिन स्कूलों में बिजली के कनेक्शन नहीं हैं, उनके लिए पीवीवीएनएल एमडी से संपर्क करें। जिला विद्यालय निरीक्षक को स्कूलों में अधिक से अधिक खेल प्रतियोगिता कराने के निर्देश दिए।

ये हैं विभागों के प्रस्ताव
जिला योजना समिति के प्रस्तावों में कृषि विभाग के 28 लाख, गन्ना विभाग के 1045.24 लाख, पशुपालन विभाग के 410.50 लाख, दुग्ध विकास विभाग के 941.78 लाख, सहकारिता विभाग के 1213.70 लाख, वन विभाग के 182.66 लाख, ग्राम्य विकास के विशेष कार्यक्रम के 2760 लाख, रोजगार कार्यक्रम मनरेगा के 5383.45 लाख, सामुदायिक विकास (ग्राम्य विकास) के 500 लाख, लघु सिंचाई के 490.80 लाख, राजकीय लघु सिंचाई (सिंचाई विभाग) के 62.19 लाख, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत (नेडा विभाग) के 118.33 लाख (राज्यांश 35.50 लाख रुपये व जिला पंचायत के संसाधनों से 82.83 लाख रुपये), खादी ग्रामोद्योग के 2.50 लाख, सड़क एवं पुल के 8044.27 लाख, पर्यावरण के चार लाख, पर्यटन विभाग के 90 लाख आदि प्रस्ताव तैयार किए गए। 

ये रहे मौजूद
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद विजय पाल सिंह तोमर, विधायक सरधना संगीत सोम, विधायक किठौर सत्यवीर त्यागी, विधायक सिवालखास जितेंद्र सतवई, विधायक मेरठ कैंट सत्य प्रकाश अग्रवाल, एमएलसी डा. सरोजिनी अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी, महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल, सांसद प्रतिनिधि हर्ष गोयल आदि मौजूद रहे।
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