तेल गरीबों का है, सरकारी दस्तावेज दो
केस के विवेचक श्यौराज सिंह ने आपूर्ति विभाग, जीएसटी, नापतौल व बाट-माप और आईओसीएल को चिट्ठी भेजी है। जिसमें गरीबों के केरोसिन की सारी जानकारी मांगी। कहा कि सरकारी केरोसिन का ऑनलाइन डाटा होता है। दस साल का रिकार्ड मांगा गया है। वहीं, संजय कुमार की फर्म में अवैध केरोसिन कैसे रखा था, इसका जवाब भी विवेचक ने लिखा पढ़ी में मांगा है। अभी तक संजय कुमार की तरफ से भी कोई पुख्ता दस्तावेज विवेचक को नहीं मिला।
यह हुई अब तक कार्रवाई
रतिराम खूबचंद फर्म से सात सितंबर को जमीन में दबे टैंकों में 70 हजार लीटर केरोसिन बरामद हुआ था, जोकि प्रशासन की जांच में अवैध बताया गया। डीएम ने इस फर्म पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए व पुलिस तैनात की, ताकि कोई वहां टैंकों से छेड़खानी न करे। आईओसीएल ने फर्म का लाइसेंस निरस्त कर नोटिस चस्पा कर दिया।
थोक विक्रेता का नाम कितना मिला तेल (प्रतिमाह जुलाई, अगस्त, सितंबर) भारत ऑयल ट्रेडिंग कंपनी साईंपुरम, ब्रह्मपुरी 1.08 लाख लीटर
चंद्रप्रकाश विजय कुमार मोहकमपुर परतापुर 56 हजार लीटर
रतिराम खूबचंद कुंडा परतापुर 48 हजार लीटर
ज्ञान ऑयल कंपनी पल्लवपुरम 40 हजार लीटर
मेरठ केरोसिन ट्रेडिंग एजेंसी मेरठ शोभापुर कंकरखेड़ा 48 हजार लीटर
प्रेमचंद पवन कुमार गगोल रोड परतापुर 48 हजार लीटर
आरएल विरेंद्रा गगोल रोड परतापुर लाइसेंस निरस्त
प्राणसुख दास संपतराय जैन सरधना 48 हजार लीटर
जगदीश एंड सतीश गगोल रोड परतापुर 24 हजार लीटर
सरदार सिंह जोगेंद्र सिंह गगोल रोड परतापुर 18 हजार लीटर
बसंतलाल बेनी प्रसाद मोहकमपुर परतापुर 18 हजार लीटर
जांच में कोई नहीं बचेगा
रतिराम खूबचंद फर्म में 70 हजार लीटर अवैध केरोसिन गरीबों का था। राशन डीलरों को भी नोटिस देकर जवाब मांगा गया कि उन्होंने कितना केरोसिन डिपो से लिया और कितना गरीबों को वितरित किया। इसका सारा रिकॉर्ड विवेचक लेगा। पुलिस की जांच में कोई नहीं बचेगा। इस फर्म के पेट्रोल पंपों की भी जांच होगी।
- आलोक सिंह, आईजी मेरठ रेंज
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