केस दो-
देवबंद क्षेत्र के ही गांव बीबीपुर निवासी रतन सिंह के पैर का अंगूठा सड़ गया था। आयुष्मान भारत योजना के पत्र के जरिये वह अस्पताल में भर्ती हुए। अप्रैल माह में ऑपरेशन हुआ और गोल्डन कार्ड भी बन गया। इसके दो महीने के बाद बवासीर का ऑपरेशन कराया।
केस तीन-
गांव रणसरा निवासी धनीराम के दो ऑपरेशन हुए। पहला हर्निया का ऑपरेशन कर जाली लगाई गई, दूसरा ऑपरेशन पित्त की थैली में पथरी का हुआ। इनके पास भी गोल्डन कार्ड नहीं था, लेकिन योजना का पत्र मिल चुका था। उसी पत्र के आधार पर अस्पताल में भर्ती हुए और कार्ड भी बन गया।
ऐसे कर सकते हैं पात्रता सूची की जानकारी
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में हेल्प और शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 14555, 180018004444 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा योजना की वेबसाइट डब्लूडब्लूडब्लू.एमईआरए.पीएमजेएवाई.गोव.इन पर भी पता किया जा सकता है।
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