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आयुष्मान योजना: पत्र मिल गया, तो कार्ड का ना करें इंतजार, मिलेगा उपचार

Wed, 18 Sep 2019 02:16 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के चयनित लाभार्थियों को यदि गोल्डन कार्ड नहीं मिल पाया है, तो भी घबराने और मायूस होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि लाभार्थियों के पास योजना के तहत जो पत्र पहुंचा है, उसी के आधार पर चयनित अस्पताल में भर्ती होकर उपचार कराया जा सकता है। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें गोल्डन कार्ड के बगैर भी पात्र ने योजना का लाभ लिया है। 

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दरअसल, योजना के तहत सहारनपुर जनपद के चयनित पात्रों के पास योजना के पत्र पूर्व में ही भेजे जा चुके हैं, जिसके बाद गोल्डन कार्ड भिजवाए गए। करीब 92 हजार कार्ड वितरण के लिए आए, जिनमें से ग्रामीण क्षेत्र में करीब 57 हजार कार्डों का वितरण हो गया, लेकिन शहरी क्षेत्र के करीब 30 हजार कार्ड पता तस्दीक न होने के कारण वापस आ गए। ऐसे में लोग आशंकित रहते हैं कि बगैर गोल्डन कार्ड के उपचार कैसे मिलेगा। इसके अलावा योजना में पात्रता सूची में नाम है या नहीं, इसको लेकर भी लोगों में भ्रम की स्थिति रहती है, जिस कारण लोग दफ्तरों के चक्कर काटते हैं। योजना के जिला समन्वयक सुशील कुमार का कहना है कि योजना के तहत जो पत्र लाभार्थियों के पास पहुंचे हैं, उस पत्र के आधार पर भी चयनित अस्पताल में पहुंचकर इलाज कराया जा सकता है, उसमें किसी तरह की दिक्कत नहीं है। 

बगैर कार्ड उपचार कराने वाले मामले 
केस एक-
देवबंद निवासी राजीव कुमार हलवाई का कार्य करते हैं। इनका नाम सूची में था, लेकिन गोल्डन कार्ड नहीं मिला था। उन्हें हर्निया का ऑपरेशन कराना था, लेकिन आर्थिक स्थिति से मजबूर था। पिता और भाई ने खर्च उठाने में सहयोग नहीं किया। आयुष्मान योजना का पत्र लेकर देवबंद के शिवम नर्सिंग होम में भर्ती हुए और ऑपरेशन कराया। पत्र के आधार पर ही उनका गोल्डन कार्ड भी बन गया।

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केस दो-
देवबंद क्षेत्र के ही गांव बीबीपुर निवासी रतन सिंह के पैर का अंगूठा सड़ गया था। आयुष्मान भारत योजना के पत्र के जरिये वह अस्पताल में भर्ती हुए। अप्रैल माह में ऑपरेशन हुआ और गोल्डन कार्ड भी बन गया। इसके दो महीने के बाद बवासीर का ऑपरेशन कराया। 

केस तीन-
गांव रणसरा निवासी धनीराम के दो ऑपरेशन हुए। पहला हर्निया का ऑपरेशन कर जाली लगाई गई, दूसरा ऑपरेशन पित्त की थैली में पथरी का हुआ। इनके पास भी गोल्डन कार्ड नहीं था, लेकिन योजना का पत्र मिल चुका था। उसी पत्र के आधार पर अस्पताल में भर्ती हुए और कार्ड भी बन गया। 

ऐसे कर सकते हैं पात्रता सूची की जानकारी 
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में हेल्प और शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 14555, 180018004444 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा योजना की वेबसाइट डब्लूडब्लूडब्लू.एमईआरए.पीएमजेएवाई.गोव.इन पर भी पता किया जा सकता है।

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