फसलों को नुकसान से किसानों की चिंता बढ़ी
किसानों की फसल खेतों में तैयार है और बेमौसम बारिश के साथ ही हवा आफत बन गई है। सबसे ज्यादा गेहूं, आलू और सरसों को नुकसान पहुंचा है। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. आरएस सेंगर का कहना है कि इस समय बारिश फसलों के लिए अनुकूल नहीं है। बारिश से 15 से 20 प्रतिशत तक गेहूं और सरसों में नुकसान की आशंका है। गेहूं की फसल खेत में गिरने से उत्पादन पर ज्यादा असर दिखाई देगा।
अगले दो दिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क व साफ रहने का अनुमान है जबकि 23 मार्च को पुन: सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ से 24 मार्च को सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, शामली, गाजियाबाद, हापुड़ और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवा के साथ मध्यम वर्षा के आसार हैं। अन्य जिलों में भी हल्की वर्षा संभावित है। किसानों को गेहूं, चना, मसूर, सब्जियों आदि फसलों के खेत से यथा संभव जल निकास का प्रबंध कर लेना चाहिए। -डॉ. यूपी शाही मौसम वैज्ञानिक, कृषि विवि
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मार्च माह में हुई बारिश ने पिछले 43 साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। बारिश पिछले दो दिन में 102.4 मिमी दर्ज की गई है। अभी दो दिन तक राहत के बाद फिर से बारिश होगी। दिन का तापमान सामान्य से दस डिग्री कम दर्ज किया गया। -
डॉ. एन. सुभाष, मौसम वैज्ञानिक आईआईएफएसआर
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धुल गया प्रदूषण, एक्यूआई 58
एनसीआर में तेजी से बढ़ते एयर क्वालिटी इंडेक्स पर बारिश और हवा ने ब्रेक लगा दिया है। मंगलवार को एनसीआर में सबसे कम मेरठ का एक्यूआई 62 दर्ज किया गया। गाजियाबाद 65 और बागपत 71 दर्ज किया गया है। जयभीमनगर 59, पल्लवपुरम 85, गंगानगर 30 और बेगमपुल 44 और दिल्ली रोड पर 35 दर्ज किया गया।