अवैध रूप से हो रहा था मीट का कटान
बताया गया कि 2019 में एमडीए में फैक्टरी का नक्शा पास न होने के कारण उस पर सील लगा दी गई थी। लेकिन सूचना है कि फैक्टरी में सैकड़ों कुंतल मीट पैकिंग के लिए तैयार हो रहा था। फैक्टरी रात में अवैध रूप से चलाई जा रही थी। सूचना है कि इसमें मीट तैयार कर दूसरी फैक्टरी में भेजा जा रहा था।
पुलिस व नगर निगम की मिलीभगत से तो नहीं चल रही थी फैक्टरी
यह फैक्टरी मेरठ बुलंदशहर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी है। रात में फैक्टरी में कटान के लिए पशु भी आते होंगे और मीट तैयार कर पैकिंग के बाद वहां से गाड़ियां भी निकलती होंगी। जबकि पुलिस की एक गस्त टीम रात में एक घंटे तक वहीं पर मौजूद रहती है। सवाल यह भी है कि जब नगर निगम द्वारा फैक्टरी पर सील लगाई गई थी तो सील कैसे टूट गई।
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बड़ी कार्रवाई की तो नहीं है तैयारी
छापामारी के दौरान कार्रवाई बुधवार रात दो बजे से गुरुवार रात नौ बजे तक लगातार चल रही थी। कार्रवाई के दौरान सभी विभागों के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। कहीं प्रशासन द्वारा बड़ी कार्रवाई तो नहीं चल रही।