कहीं मेरठ में दिखाई देने वाला तेंदुआ तो नहीं...
बीते माह दो दिसंबर से मेरठ में तेंदुआ दिखाई देने के बाद से उसकी तलाश जारी है। दो दिसंबर को टीपीनगर के ज्वालानगर में तेंदुआ दिखाई दिया था। इसके बाद गांधी बाग के पास आरवीसी सेंटर के पास दिखाई दिया था। पिछले पांच दिनों में ही तीन बार तेंदुआ दिखाई दिए जाने की सूचना आती रही है। जागृति विहार के कीर्ति पैलेस में भी शुक्रवार की रात सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में तेंदुआ कैद हुआ। तब से लेकर अब तक वन विभाग की टीम तेंदुए की तलाश में जुटी है।
ऐसा हो सकता है कि मेरठ से ही यह तेंदुआ एक्सप्रेसवे की ओर गया हो। जो तेंदुए के पंजों के निशान जागृति विहार नाले के किनारे मिले थे, उसकी उम्र करीब पांच वर्ष बताई जा रही थी। जो तेंदुआ एक्सप्रेसवे पर हादसे में मरा है, इसकी उम्र साढ़े चार साल बताई जा रही है। हालांकि, इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि मेरठ के आसपास क्षेत्र में काफी संख्या में तेंदुए हैं।
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मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर साढ़े चार साल के नर तेंदुए की सड़क हादसे में मौत हुई है। आज मोदीनगर वन रेंज में उसका पोस्टमार्टम होगा। वह मेरठ से ही गया है या नहीं यह कहना मुश्किल है।
- वन संरक्षक, गंगा प्रसाद
जागृति विहार से आज हटाई जाएगी टीम
वन विभाग की ओर से मंगलवार को भी तेंदुए की तलाश में कैंट और जागृति विहार क्षेत्र में छानबीन की गई। टीम को दोनों क्षेत्रों में कोई निशान नहीं मिला। जागृति विहार में टीम ने लोगों से तेंदुए से संबंधित जानकारी मांगी। लेकिन तेंदुआ देखे जाने के संबंध में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई। इसके बाद विभाग की ओर से जागृति विहार क्षेत्र से टीम हटाने का निर्णय लिया गया है। उधर, कैंट क्षेत्र में अभी पिंजरे लगे रहेंगे।
शुक्रवार रात जागृति विहार के कीर्ति पैलेस के गार्ड रूम में लगे सीसीटीवी कैमरे में तेंदुआ दिखाई दिया था। शनिवार को उसके पदचिह्न काली नदी के पास जंगल की ओर देखे गए थे। मंगलवार को टीम ने क्षेत्र में अभियान चलाया, लेकिन कोई निशान नहीं मिले हैं।
डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि जागृति विहार से टीम को आज हटा लिया जाएगा। कैंट क्षेत्र में सोमवार को जो सूचना मिली थी, उसकी दिनभर जांच पड़ताल की गई। आरआरटीएस के कर्मचारियों से भी पूछताछ की, लेकिन तेंदुए से संबंधित कोई जानकारी नहीं मिली। उन्होंने बताया कि कैंट क्षेत्र में जंगल अधिक है। तेंदुए के यहां आने की संभावना अधिक है, इसलिए क्षेत्र में सभी 17 ट्रैप कैमरे और चार पिंजरे लगे रहेंगे। आरवीसी सेंटर और गुरुद्वारा के पास अधिक कैमरे और पिंजरे लगाए गए हैं।