वहीं, सर्वोच्च न्यायालय न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने छात्रों की प्रस्तुत की गई सांस्कृतिक गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा का बाजारीकरण हो रहा हैं, लेकिन इस कॉलेज में आकर लगा की कही तो शिक्षा का माहौल है। यहां आकर संस्कृति की अलग की झलक देखने को मिली। समापन पर अतिथियों द्वारा सुगंधा पुस्तिका का विमोचन किया गया। प्रबंधक अमित शर्मा ने कॉलेज के इतिहास पर प्रकाश डाला। एनएएस डिग्री कॉलेज के पूर्व प्रबंधक अशोक वर्मा व पंडित गंगादन शर्मा के नाम से दो ऑडिटोरियम का लोकार्पण भी इस दौरान किया गया। एनसीसी छात्रों द्वारा मार्च पास्ट व गार्ड ऑफ ऑनर किया गया। छात्रों ने पीटी भी प्रस्तुत की।
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सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मन मोहा
भव्य व देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। इंटर कॉलेज के छात्रों ने सोशल मीडिया के इफेक्ट पर नाटिका प्रस्तुत कर सभी की खूब तालियां बटोरी। पंजाबी नृत्य पर भी हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। वहीं देश भक्ति गीत की प्रस्तुति से सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया।
विज्ञान प्रोजेक्ट की करी सराहना
न्यायमूर्ति पंकज मित्थल ने कार्यक्रम का शुभारंभ करने के पश्चात छात्रों द्वारा बनाए गए मॉडलों का अवलोकन किया, जिसमें छात्रों द्वारा इसरो, स्ट्रीट लाइट, सूर्य घड़ी, फेफड़ों पर आधारित मॉडल बनाकर सजा रखे थे। छात्रों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि बहुत अच्छा कार्य किया है, आने वाला समय तुम्हारा ही होने वाला है, मेहतन करते रहो।
खेल प्रतियोगिता का भी हुआ आयोजन
शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में 100 व 200 मीटर रेस का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने अपने हुनर का परिचय दिया। प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले छात्रों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।
इन छात्रों को किया गया सम्मानित
रुद्र प्रताप सिंह, रंजीत सिंह, सोमेश्वर, अनुराग, पवन, आदित्य तोमर, नमन, तरुण, अमित, प्रशांत, संभव, निशांत, राहुल, सूर्य प्रताप और मो. आसिफ।