पटाखों की बिक्री के पोस्टर, लोग असमंजस में
मेरठ में दीपावली के त्योहार को देखते हुए पटाखों की बिक्री के दावे किए जा रहे हैं। शहर के कई स्थानों पर पटाखे बेचने संबंधी पोस्टर दिखाई दे रहे हैं, जबकि दूसरी ओर पुलिस अवैध पटाखों के भंडारण और बिक्री के मामलों में छापेमारी कर रही है। ऐसे में लोगों के बीच यह सवाल बना हुआ है कि पटाखे खरीदने और बेचने को लेकर प्रशासन के नियम क्या हैं।
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले का कहना है कि मेरठ में किसी के पास पटाखे बनाने का लाइसेंस नहीं है। यदि कोई पटाखे बेचता है या उन्हें अवैध रूप से स्टोर करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि दीपावली के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का अनुपालन कराया जाएगा।
संयुक्त व्यापार संघ के अलग-अलग गुटों के अध्यक्ष नवीन गुप्ता और अजय गुप्ता का कहना है कि व्यापारियों को पटाखों के संबंध में प्रशासन के नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन को लागू दिशा-निर्देश सार्वजनिक करने चाहिए, ताकि व्यापारियों और आम लोगों के बीच असमंजस की स्थिति न रहे।
मवाना में भी अवैध पटाखों के साथ आरोपी गिरफ्तार
मवाना क्षेत्र में भी पुलिस ने अवैध रूप से बेचे जा रहे पटाखों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस ने संजय रस्तोगी (45), निवासी मुबारिकपुर रोड, मोहल्ला काबली गेट, को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से विभिन्न प्रकार के पटाखे और गत्तों में रखी पांच बड़ी पॉलिथीन बरामद हुई हैं। सीओ पंकज लवानिया ने बताया कि आरोपी के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इससे पहले मंगलवार को पुलिस ने टीपीनगर और कोतवाली क्षेत्र से करीब 25 लाख रुपये कीमत के पटाखे बरामद किए थे। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों के बीच प्रशासन के दिशा-निर्देशों को सार्वजनिक करने की मांग भी उठ रही है।