गैंगस्टर के मामले में पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी, उनके दोनों बेटे इमरान और फिरोज की जमानत अर्जी खारिज हो गई। अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश की कोर्ट में यह अर्जी दी गई थी।
सरकारी अधिवक्ता नीरज सोम ने बताया कि 31 मार्च 2022 को याकूब की फैक्टरी पर पुलिस ने छापा मारकर अवैध तरीके से मीट पैकिंग होने का भंडाफोड़ किया था। इसमें याकूब, उनकी पत्नी संजीदा बेगम और दोनों बेटों सहित 17 लोग नामजद हुए थे। इसके बाद पिता-पुत्रों सहित सात लोगों पर गैंगस्टर का मुकदमा भी खरखौदा थाने में दर्ज किया गया था।
पुलिस के अनुसार फिरोज नवंबर में कोर्ट में सरेंडर होकर जेल चला गया था। छह जनवरी को याकूब और इमरान को पुलिस ने दिल्ली स्थित चांदनी महल क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। मेरठ में तीनों को जेल भेज दिया गया था।
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वहीं बाद में तीनों को दूसरे जिलों की जेलों में भेज दिया गया। चार दिन पहले फिरोज को मीट फैक्टरी के मामले में जमानत मिल गई है। शुक्रवार को गैंगस्टर के केस में सुनवाई हुई। याकूब के अधिवक्ता ने कोर्ट में जमानत की अर्जी लगाई थी। कोर्ट ने याकूब, इमरान और फिरोज की गैंगस्टर के मुकदमे में जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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