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यूपी: गृहकर वसूली में बड़ा झोल, जीआईएस सर्वे में खुली पोल, सवालों के घेरे में नगर निगम

Wed, 15 Dec 2021 01:12 PM IST
कपिल kapil राजकुमार सैनी, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ जिले में एक बड़ा खेल सामने आया है। नगर निगम शहर के 2.44 लाख भवनों से करीब 40 करोड़ रुपये वसूल रहा है। जानिए आखिर नगर निगम पर सवाल क्यों उठ रहे हैं।
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नगर निगम मेरठ - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मेरठ शहर में गृहकर वसूली में बड़ा खेल सामने आया है। नगर निगम शहर में 2.44 लाख भवनों से गृहकर ले रहा है, जबकि जीआईएस (जियोग्राफिक इनफारर्मेशन सिस्टम) सर्वे में सिर्फ 30 वार्डों में ही 2,26193 घर मिले हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि भवनों से टैक्स वसूली आखिर क्यों नहीं हो रही है। निगम के रिकॉर्ड में सिर्फ 29 हजार भवन ही कामर्शियल हैं। यह तब है, जबकि शहर के कई आवासीय इलाके बाजारों में तब्दील हो गए हैं। 

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शहर में 90 वार्ड हैं। नगर निगम करीब 2.44 लाख भवनों से प्रतिवर्ष औसतन 40 करोड़ रुपये गृहकर वसूल रहा है। प्रदेश सरकार ने गृहकर की वसूली बढ़ाने के लिए एक कंपनी से मेरठ नगर निगम क्षेत्र का जीआईएस सर्वे कराया है। कंपनी ने अभी तक 30 वार्डों की रिपोर्ट पेश कर दी है। इसी सर्वे में गृहकर वसूली में अनियमितताएं सामने आई हैं। 

आवासीय भवन कामर्शियल में बदले, टैक्स नहीं बदला
महानगर के आवासीय इलाकों में तेजी से दुकानें, अस्पताल, मंडप आदि संचालित हो रहे हैं। शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट, जागृति विहार, गंगानगर, पल्लवपुरम, कंकरखेड़ा, सोतीगंज, शारदा रोड, बागपत रोड, किला रोड समेत अधिकतर इलाकों में तेजी से दुकानें आदि बनकर तैयार हुई हैं। निगम एक्ट के मुताबिक आवासीय और कामर्शियल भवनों के हाउस टैक्स में कई गुना का अंतर होता है। शहर में कम से कम दो लाख से अधिक दुकानें और अन्य कामर्शियल भवन हैं। निगम रिकॉर्ड में यह संख्या अभी सिर्फ 29 हजार ही है। 
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सोतीगंज में भी बड़ा गोलमाल
सोतीगंज का भी बड़ा आवासीय हिस्सा कामर्शियल में बदल चुका है, लेकिन यहां नगर निगम ने वसूली की दरें नहीं बदलीं। सोतीगंज का नए सिरे से सर्वे होगा तो बड़ा गोलमाल सामने आएगा।

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टैक्स के नोटिस भेजने शुरू 
महानगर के एक, छह, 36, 46 वार्ड के भवन स्वामियों को हाउस टैक्स लगाने से पहले नोटिस भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। नोटिस के बाद भवन स्वामी नगर निगम पहुंचकर स्वकर का फार्म भरकर हाउस टैक्स निर्धारण करा सकेंगे।

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इन वार्डों का हो चुका है जीआईएस सर्वे 
01, 08, 11,15, 16,17, 18, 19, 21, 25, 26, 27, 32, 36, 44, 45, 46, 52, 55, 68, 73, 74, 77, 79, 82, 86, 87, 88

महानगर की आबादी- 20 लाख 
- प्रतिवर्ष हाउस टैक्स से राजस्व वसूली लगभग - 40 करोड़
- निगम में रजिस्टर्ड कामर्शियल भवन- 29 हजार
- निगम में रजिस्टर्ड आवासीय भवन - 2.15 लाख
 
छह माह में बढ़ेगा टैक्स का दायरा 
मेरठ में ही नहीं बल्कि अन्य शहरों में भी टैक्स की स्थिति को देखते हुए ही सरकार ने जीआईएस सर्वे शुरू कराया है। अब सर्वे रिपोर्ट में बड़े स्तर पर भवन सामने आ रहे हैं। छह माह के भीतर नगर निगम को दोगुना हाउस टैक्स मिलने की उम्मीद है। - अवधेश कुमार, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी नगर निगम
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