आनंद अस्पताल और हरिओम आनंद का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के मेरठ में आनंद अस्पताल के मालिक हरिओम आनंद की आत्महत्या के लगभग एक महीने बाद नौचंदी थाने में मुकदमा दर्ज हो गया। तमाम जद्दोजहद के बाद एसएसपी को सौंपे गए मानसी आनंद के शिकायती पत्र पर ही मुकदमा दर्ज किया गया। सुभारती ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. अतुल कृष्ण और आनंद अस्पताल के शेयरधारकों जीएस सेठी, ललित भारद्वाज, राहुल दास समेत नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस तरह 25 दिन की जांच के बाद सौंपी गई एसपी सिटी की जांच रिपोर्ट बेमतलब साबित हुई।
हरिओम आनंद ने 27 जून को सल्फास खाकर जान दी थी। इसके बाद उनकी बेटी मानसी आनंद ने एसएसपी को शिकायती पत्र सौंपा था। जिसमें सुभारती ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. अतुल कृष्ण, उनकी पत्नी डॉ. मुक्ति भटनागर पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था। आनंद अस्पताल के अस्पताल के शेयर धारक जीएस सेठी, ललित भारद्वाज, राहुल दास के अलावा आकाश खन्ना, समय सिंह सैनी, मुमताज कामरान व एक अन्य पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। जिस पर पुलिस ने तब मुकदमा दर्ज करने से मना कर दिया था। अंतत: रविवार को तय किया गया कि मानसी आनंद के शिकायती पत्र पर ही मुकदमा दर्ज किया जाए।
मानसी आनंद के शिकायती पत्र पर सुभारती ट्रस्ट के चेयरमैन और आनंद अस्पताल के शेयरधारकों समेत नौ लोगों पर नौचंदी थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसपी सिटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर शेयरधारकों की भूमिका विवेचना में भी देखी जाएगी। कोई बेकसूर नहीं फंसेगा।
- अजय कुमार साहनी, एसएसपी मेरठ
यह भी पढ़ें: यूपी: तिहाड़ जेल में बंद कुख्यात सुनील राठी ने भाजपा विधायक योगेश धामा को दी धमकी, सुरक्षा बढ़ाई
14 साल पूर्व हरिओम आनंद का हिसाब कर दिया गया था, उसके बाद कोई देनदारी बाकी नहीं है। मानसी से 14 साल से भी ज्यादा समय से नहीं मिला हूं। आनंद परिवार के सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
- डॉ. अतुल कृष्ण
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/