ग्रीन कॉरिडोर -प्रतीकात्मक तस्वीर
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मेरठ में सोमवार शाम को गुरुग्राम से रक्त की रिपोर्ट आ गई, जो निगेटिव है। अब 22 वर्षीय बेटी 48 साल की मां को किडनी देगी। मंगलवार सुबह न्यूटिमा हॉस्पिटल में ट्रांसप्लांट किया जाएगा।
किडनी प्रत्यारोपण करने से पहले मरीज के शरीर में ग्रुप-बी के खिलाफ बनी एंटीबॉडी का स्तर जांचने के लिए सोमवार तड़के पांच बजे ब्लड सैंपल गुरुग्राम के लिए भेजा गया। न्यूटिमा अस्पताल से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एंबुलेंस सुबह गुरुग्राम के लिए रवाना की गई। गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप गर्ग ने बताया कि सैंपल मेरठ से सोमवार सुबह 4.43 बजे भेजा गया, जो 6.12 बजे गुरुग्राम की लैब पहुंच गया, जहां से रिपोर्ट मिल गई है।
हापुड़ निवासी 48 साल की महिला मरीज को उनकी बेटी गुर्दा दान दे रही है। मरीज का ब्लड ग्रुप ओ, जबकि डोनर का बी है। डॉक्टरों ने बताया कि क्रास ग्रुप में गुर्दा प्रत्यारोपण करने से पहले इम्युनोसप्रेशन दवाएं दी जाती हैं। महिला मरीज के शरीर से ओ ग्रुप का प्लाज्मा निकालकर उसे बी ग्रुप वाले का प्जाज्मा दिया गया। साथ ही तीन दवाएं दी गई हैं। इससे मरीज का शरीर दूसरे ब्लड ग्रुप का गुर्दा लेने के लिए तैयार हो रहा है।
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डॉ. संदीप गर्ग ने बताया कि मरीज के शरीर में डोनर के बी ब्लड ग्रुप के खिलाफ एंटीबॉडी न्यूनतम स्तर पर आ गई है, जो जरूरी है। प्रत्यारोपण से पहले इसी एंटीबॉडी की अंतिम बार जांच कराने के लिए सैंपल गुरुग्राम भेजा गया था।
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