कम तापमान में भी फैला रहे डेंगू
अमूमन माना जाता है कि डेंगू का मच्छर 18 से 38 डिग्री के बीच ही रह सकता है। इससे ज्यादा और कम तापमान में जिंदा नहीं रह सकता है, लेकिन अब 18 डिग्री से कम तापमान में भी मच्छर डेंगू फैला रहे हैं। यह कैसे हो रहा है, इस तरह की जांच की जा सकेगी।
मच्छर जनित बीमारियों का हाल
बीमारी 2016 2017 2018
डेंगू 195 660 202
चिकनगुनिया 1105 00 00
मादा मच्छर फैलाती है बीमारी
मच्छर एक हानिकारक कीट है। यह सभी भागों में पाया जाता है। यह विभिन्न प्रकार के रोगों के जीवाणुओं को वहन करता है। मच्छर एकलिंगी जंतु है। यानी नर और मादा मच्छर के शरीर अलग-अलग होते हैं। सिर्फ मादा मच्छर ही मनुष्य या अन्य जंतुओं के रक्त पीते हैं, जबकि नर मच्छर पेड़-पौधों का रस पीते हैं।
जल्द पूरी हो जाएगी लैब
मच्छरों की पड़ताल के लिए लैब तैयार की जा रही है। उम्मीद है कि यहां बेहतर तरीके से मच्छरों की पड़ताल की जा सकेगी। लैब तैयार होने के बाद विभाग बीमारी का पता लगाने के लिए मच्छरों को पकड़ेगा। मच्छरों में पाए जाने वाले जीवाणु की जानकारी की जाएगी।
-डॉ. कीर्ति त्रिपाठी, कीट विज्ञानी
स्वास्थ्य विभाग को मिलेगा लाभ
मच्छर जनित बीमारियां काफी होती हैं, लिहाजा यहां कीट विज्ञानी की तैनाती की गई है, ताकि इनकी पड़ताल की जा सके। इससे स्वास्थ्य विभाग को काफी लाभ होगा।
- डॉ. राजकुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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