अवैध निर्माणों पर लगातार कार्रवाई होने के बावजूद भी कोई असर नहीं पड़ रहा है। अब ड्रोन सर्वे से आसानी से क्षेत्रों में बन रहे आवासीय, व्यावसायिक निर्माणों पकड़ में आ सकेंगे। इसके बाद सूूची बनाकर कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में कमिश्नर सेल्वा कुमारी. जे ने अपनी पहली एमडीए में बैठक के दौरान 15 दिन में अवैध निर्माणों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से ही यह पूरी कवायद की गई है।
एक ड्रोन का किराया रोजाना साढ़े तीन हजार
किराये पर ड्रोन लेकर एमडीए अवैध निर्माणों पर अंकुश लगाने का दावा कर रहा है। इसके लिए सभी अवर अभियंताओं को रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन एक दिन में ही एक ड्रोन का किराया साढ़े तीन हजार रुपये होगा। चार ड्रोन किराये पर लेनेे की व्यवस्था तय की गई है।
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अवर अभियंताओ को देने होंगे शपथ पत्र
वहीं, अब अवर अभियन्ताओं को भी शपथ पत्र देने होंगे। इन शपथ पत्र के माध्यम से उन्हें भी अवैध निर्माण न होने की शपथ लेनी होगी । अगर इसके बाद भी उनके इलाके में अवैध निर्माण होता है उनकी जिम्मेदारी होगी।
कमिश्नर और जिलाधिकारी के निर्देश पर ड्रोन सर्वे शुरू किया गया है। पहले किराये पर लेने की व्यवस्था है। इसके बाद एक ड्रोन को खरीद लिया जाएगा।
- चंद्रपाल तिवारी, एमडीए सचिव