कृषि कानून को रद्द कराने की मांग को लेकर 14 महीनों तक चले किसान आंदोलन में कानून व्यवस्था बनाने में मेरठ के आईजी प्रवीण कुमार की बड़ी भूमिका रही। उन्होंने आंदोलन के दौरान गाजीपुर बॉर्डर पर डेरा डाले रखा था।
पुलिस महानिरीक्षक प्रवीण कुमार एक तेज तर्रार अधिकारी होने के साथ-साथ लेखक भी हैं। उन्होंने कुछ समय पहले 'वह एक और मन' किताब भी लिखी थी, जिसके लिए उन्हें हिंदी संस्थान विजयदेव नारायण साही पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। इस किताब को लिखने से पहले उन्होंने हिंदी, संस्कृत और उर्दू भाषा को बारीकी से जाना था। आईजी की इस किताब को काफी पसंद किया गया।
पहले कोरोना काल फिर सीएए हिंसा की चुनौती का किया था सामना
आईजी प्रवीण कुमार ने मेरठ रेंज की कमान जनवरी 2020 को संभाली थी। दो महीने बाद ही कोविड के चलते लॉकडाउन लग गया था। इसके साथ-साथ किसान आंदोलन सहित कई बड़े मामले उनके सामने आए, जिसमें कानून व्यवस्था बनाना चुनौती था। सीएए के विरोध में हिंसा के बाद कानून व्यवस्था का पालन कराना और किसान आंदोलन सहित कई मामले आईजी प्रवीण कुमार ने बड़ी ही सूझबूझ से निपटा दिए। पुलिस और जनता में बेहतर तालमेल बैठाने में प्रवीण कुमार माहिर हैं।