मेरठ में चलने के लिए पिछले दो दिन में 19 इलेक्ट्रिक बस और मिल चुकी है। इससे पहले 9 बस मिल चुकी थी। अब कंपनी के पास कुल 28 बस हो चुकी है। इसमे से 5 बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों का पंजीकरण और प्री डिलीवरी इंस्पेक्शन होना है। इसके बाद ही बसों का संचालन हो सकेगा। एमसीटीएसएल ने प्रस्तावित रुट की रिपोर्ट मंडलायुक्त के पास भेज दी है। उनकी हरि झंडी के बाद बस चलाई जाएगी।
यह है इन बसों की खासियत
इलेक्ट्रिक बस लो फ्लोर वातानुकूलित है और इसमें 28 सीट लगी है, जिसमें दो सीट दिव्यांगों की है। बस में सुरक्षा के लिए पांच कैमरे लगे हैं और पैनिक बटन लगा है। जीपीएस के जरिये बस की गतिविधि कंट्रोल रूम में बैठकर देखी जा सकेगी। बस में दो दरवाजे हैं। खिड़की खुलने की व्यवस्था नहीं है। इसकी जगह पर शीशे लगे हैं जो पूरी तरह सील है।
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वहीं बस में दिव्यांगों के लिए रैम्प की भी सुविधा है। वे अपनी ट्राई साइकिल लेकर बस में चढ़ सकते हैं। बस की अधिकतम स्पीड 140 किलोमीटर प्रति घंटा है और 60 किलोमीटर पर स्पीड गवर्नर लगा है। बस के दरवाजे बंद नहीं हुए तो बस आगे नहीं चल सकेगी। बस के चालक प्रशिक्षित है। बस का संचालन और रखरखाव सीएफएमएस प्राइवेट लिमिटेड करेगी। चालक भी इसी कंपनी के होंगे।