फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut: पूर्व मंत्री हाजी याकूब को हाईकोर्ट से फौरी राहत, मीट फैक्टरी के ध्वस्तीकरण पर अंतरिम रोक बढ़ी

Wed, 25 May 2022 11:49 AM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

बसपा के पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी को हाईकोर्ट से फौरी राहत मिल गई है। हालांकि याकूब अभी फैक्टरी का संचालन नहीं कर सकेंगे। वहीं इस मामले में अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी। अब तक पूरे मामले में सात तारीखें लग चुकी हैं।
 
विज्ञापन
हाजी याकूब की फैक्टरी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बसपा के पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी की हापुड़ रोड स्थित मीट फैक्टरी अलफहीम मीटैक्स प्राइवेट लिमिटेड के ध्वस्तीकरण पर हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक 13 जुलाई तक बढ़ा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर ने दिया है। कोर्ट ने मामले में पहले से ही अंतरिम राहत दे रखी थी। मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट में याची के अधिवक्ता की ओर से पक्ष रखा गया। जिसके बाद कोर्ट ने पहले से दी गई अंतरिम राहत को 13 जुलाई तक के लिए बरकरार रखा। कोर्ट अब अगली तिथि पर सुनवाई के बाद आगे के लिए आदेश देगा। 

विज्ञापन


एमडीए सचिव चंद्रपाल तिवारी ने बताया कि एक-दो दिन में ऑर्डर अपलोड होने के बाद पूरी स्थिति का पता लगेगा। हालांकि याकूब को फैक्टरी संचालन करने की अनुमति भी नहीं दी गई है। याकूब कुरैशी की यह फैक्टरी तीन तरह की जमीन पर बनी है। इसमें 10 हेक्टेयर जमीन सार्वजनिक सुविधाओं वाली सरकारी, एक हेक्टेयर ग्रीन बेल्ट और 0.234 हेक्टेयर भूमि रोड वाइडनिंग की है।

यह भी पढ़ें: UP : मेरठ के हस्तिनापुर में संदिग्ध परिस्थितियों में अंबेडकर की मूर्ति क्षतिग्रस्त होने से लोगों में रोष
विज्ञापन


इस भूमि में से सिर्फ 0.130 हेक्टेयर भूमि ही औद्योगिक प्रयोग के लिए है। इसलिए भू-उपयोग परिवर्तन का आवेदन शासन में किया गया था। इसे निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद से ही फैक्टरी के संचालन पर तलवार लटक रही थी। इसे मार्च-2022 में सील कर दिया गया था। हालांकि, याकूब कुरैशी इस मामले में सुप्रीम कोर्ट चले गए थे जहां यह मामला विचाराधीन है। 
विज्ञापन


अब तक लगीं सात तारीखें
मार्च से अब तक सुनवाई के लिए सात तारीख लग चुकी हैं। इनमें 13 अप्रैल, 20 अप्रैल, 26 अप्रैल, 10 मई, 18 मई, 19 मई  और अब 24 मई को सुनवाई हुई। एमडीए ने भी वकीलों के वरिष्ठ पैनलों की टीम में शामिल किया। इस बार की सुनवाई में पूर्व मंत्री को कुछ राहत मिली है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें