मेरठ के हस्तिनापुर निवासी सुमित की हादसे में मौत हो गई थी। बताया गया कि नील गाय की टक्कर से सुमित की मौत हुई, जबकि परिजनों का कहना था कि रोडवेज बस ने टक्कर मारी है। इसे लेकर थाने में खूब हंगामा हुआ।
हस्तिनापुर निवासी सुमित के शव को मवाना थाने में रखकर हंगामा करने के मामले में पुलिस ने भाजपा नेता रवि गोला सहित पांच को नामजद व लगभग 70-80 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस का कहना है कि इनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
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हस्तिनापुर निवासी सुमित और शुभम पाल रविवार शाम को मोबाइल ठीक कराने के लिए बाइक से मवाना आ रहे थे। जैसे ही ये लोग रजबहा पार कर बामनी वाले मंदिर के पास पहुंचे तो दुर्घटना में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को एंबुलेंस से मेरठ अस्पताल भिजवाया और क्षतिग्रस्त बाइक को कब्जे में ले लिया था। मेरठ ले जाने के दौरान सुमित ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था।
पोस्टमार्टम के बाद सोमवार शाम 4.15 बजे के आसपास परिजन सुमित का शव थाने में लेकर पहुंचे। शव को थाने के अंदर रखकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप था कि सुमित की मौत नील गाय से बाइक टकराने से नहीं, अपितु रोडवेज बस की टक्कर से हुई है। सीओ पंकज लवानिया के समझाने पर मामला शांत हुआ था।
अब इस मामले में दरोगा पवन कुमार ने मवाना थाने में जगबीर सिंह, अमर सिंह, भाजपा नेता रवि गोला, प्रदीप कुमार, सर्वेश कुमार को नामजद और करीब 70-80 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें बताया है कि सुमित के शव को परिजनों व अन्य लोगों ने थाना परिसर में रखकर फरियादियों एवं आम जनता का रास्ता रोक दिया।
थाने में मौजूद पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों व फरियादियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। थाने के बाहर फल रेहड़ी, वाहन चालकों में अफरा तफरी मच गई। समझाने के बाद भी नहीं माने और पुलिस से गाली-गलौज व धक्का-मुक्की करने लगे। बाद में काफी समझाने पर शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर गए।