काशी टोल प्लाजा पर पहले से तैनात था भारी पुलिस बल
संयुक्त किसान मोर्चा ने 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर भारत सरकार और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसमें शामिल होने के लिए मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों से किसान दिल्ली जा रहे थे।
इसी दौरान मेरठ-दिल्ली द्रुतमार्ग स्थित काशी टोल प्लाजा पर पहले से भारी पुलिस बल तैनात था। पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन धन सिंह कोतवाल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को टोल प्लाजा से पहले ही रोक दिया और उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी।
'दिल्ली नहीं जाने दिया तो टोल फ्री करेंगे'
पवन गुर्जर ने कहा कि किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है और दिल्ली की सीमाओं को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों को दिल्ली नहीं जाने दिया गया तो काशी टोल प्लाजा पर बड़ी संख्या में किसान एकत्र होंगे और टोल मार्ग को शुल्क मुक्त करा दिया जाएगा।
किसानों की भीड़ से यातायात प्रभावित
किसानों की संख्या लगातार बढ़ने के बाद काशी टोल प्लाजा पर पुलिस की चौकसी और बढ़ा दी गई। द्रुतमार्ग पर किसानों के बड़ी संख्या में मौजूद रहने से मेरठ से दिल्ली जाने वाले मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस यातायात व्यवस्था को सुचारु करने में जुटी रही।