उन्होंने कहा कि आज लोग गाय की जगह भैंस का दूध पीते हैं। भैंस के दूध में फैट है। जबकि, गाय के दूध में प्रोटीन होता है। परंतु, इसके बावजूद भी लोग भैंस के दूध ज्यादा पी रहे हैं और गाय की जगह भैंस का पालन होने लगा है। सरकार गोपालन को लेकर इसीलिए बढ़ावा दे रही है, ताकि लोगों में प्रोटीन की कमी न हो।
किसान आंदोलन पर बोलते हुए कहा कि किसानों में जागरूकता का अभाव है। इसीलिए वह आंदोलन कर रहे हैं। कृषि कानून किसानों के हित के लिए है। किसानों को कृषि कानूनों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। भाजपा सरकार में पिछले साढे चार साल में गेहूं 28 प्रतिशत हुआ है, तो 17 प्रतिशत चावल में वृद्धि हुई है। चीनी उत्पादन में भी वृद्धि हुई है। जबकि, खपत कम है।
संस्थान के निदेशक डॉ. आजाद सिंह पंवार ने भी बताया कि कृषि में रसायनों के प्रयोग को घटाना, जैविक आगतों के उपयोग को बढ़ाकर उत्पादन लागत को घटाना एवं उत्पाद की गुणवत्ता को बढ़ाने पर जोर दिया। इस दौरान संस्थान के निदेशक डॉ आजाद सिंह पवार,चंद्रभानु आदि मौजूद रहे।