प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान से आकर्षित होकर मेरठ के बांबे बाजार निवासी 23 वर्षीय सजल मुटरेजा ने यह पहल की है। पेड़ों को बचाने की दिशा में उनकी यह पहल छोटी जरूर है, लेकिन अहम मानी जा रही है। वेलवेट पेंसिल में 70 प्रतिशत बेकार प्लास्टिक व 30 प्रतिशत पुराने अखबार को मटीरियल बनाया जाता है। इसके बाद पेंसिल पर वेलवेट पाउडर से कोटिंग की जाती है। कोटिंग मशीन की कीमत एक से डेढ़ लाख रुपये आई है।