नागेंद्र ने बताया था कि मेडिकल का डिप्लोमा करने के बाद उसने सरधना के छुर गांव में क्लीनिक खोला था। क्लीनिक अच्छा नहीं चलने पर उसने दोस्त पंकज चौधरी निवासी ग्राम अहमदाबाद थाना सरधना और पार्थ निवासी सेतनी थाना कोतवाली दादरी गौतमबुद्धनगर के साथ मिलकर डॉ. विकुल त्यागी के यहां लूट की योजना बनाई।
नागेंद्र ने बताया कि उसकी प्रेमिका पहले डॉक्टर के क्लीनिक पर जॉब करती थी। उसने ही यहां के बारे में बताया था। इसके बाद उन्होंने लूट की वारदात को अंजाम दिया। पंकज और पार्थ दोनों फरार चल रहे थे।
दावत में उड़ा दी लूटी गई रकम
शुक्रवार दोपहर दोनों अपने वकीलों के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंचे और सरेंडर कर दिया। दोनों से एसपी क्राइम अनित कुमार ने पूछताछ की तो उन्होंने कहा कि पुलिस की गोली से डर लगता है, अब वे अपराध नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि लूटे गए रुपये दावत में खर्च हो गए।