आरोप है कि इसके बाद ही महिला पर तेजाब फेंका गया था। मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसी मामले में आरोपी रोहित को जेल में अस्पताल के पास कमरे में हत्यारोपी के साथ एकांतवास में रखा गया था। शनिवार सुबह बेसुध मिलने पर उसे अस्पताल ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परतापुर पुलिस ने गगोल में परिजनों को रोहित की जेल में मौत की सूचना दी। साथ ही बताया कि उसका शव पोस्टमार्टम कराने के लिए मोर्चरी भेज दिया है।
परिजन बोले, चेहरे और गले पर थे निशान
रोहित के परिजनों ने शव देखकर जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि ऐसा कुछ नहीं था कि राेहित आत्महत्या जैसा कदम उठाता। भाई विनीत और चचेरे भाई ध्यान सिंह ने बताया कि रोहित का चेहरा बुरी तरह से कुचला था। उसे ईंटों से पीट-पीटकर मारा गया है। गले पर भी रस्सी के निशान थे। उसकी हत्या की गई है। अंतिम संस्कार से निपटने के बाद जेल प्रशासन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हाईकोर्ट से मिली थी जमानत
रोहित के परिजनों ने बताया कि तेजाब फेंकने के मामले में राेहित सहित अन्य आरोपियों को 24 फरवरी को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। रोहित जेल से बाहर आ गया था। हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ पीड़िता सुप्रीम कोर्ट चली गई थी। पांच अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्हें नौ अप्रैल को कोर्ट में पेश किया था। यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था।
परिजनों के आरोप निराधार
रोहित को जेल कैंपस स्थित अस्पताल के एकांतवास में रखा गया था। शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई। मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आ जाएगी। सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे थे। जिला जज और डीएम को न्यायिक जांच के लिए पत्र लिखा है। -शशिकांत मिश्रा, जेल अधीक्षक।