ग्रामीणों के अनुसार मंगलवार शाम को युवती मंदिर में गई थी, जहां उसने पूजा करने के लिए दीपक जलाए। इसके बाद उसने चाकू से अपनी गर्दन काटी और सभी दीपों में अपना खून डाला। उसने देवी पर अपना खून चढ़ाया और फिर पेड़ से लटककर फांसी लगा ली।
ग्रामीणों के अनुसार मंदिर जंगल की ओर है। ऐसे में कम ही लोग वहां जाते हैं। शाम को गांव का कोई व्यक्ति मंदिर परिसर में गया तो वहां युवती का शव लटका देखकर गांव वालों को सूचित किया।
युवती के बलि देने की सूचना पर गांव में दहशत फैल गई। ग्रामीण व युवती के परिजन मौके पर पहुंचे और शव को नीचे उतारा। जांच पड़ताल में सामने आया कि युवती ने माता को खुश करने के लिए अपनी बलि दी है। मंदिर के अंदर एक चाकू और दीपों में खून मिला है।
वहीं मंदिर परिसर में जिस पेड़ से लटकर युवती ने आत्महत्या की वहां भी चारों ओर खून ही खून पड़ा था। वहीं युवती के परिजन बिना किसी कार्रवाई के शव को अपने घर ले आए और अंतिम संस्कार करा दिया। वहीं इस घटना के बाद से ग्रामीणों में अलग-अलग चर्चाएं हैं।