टक्कर लगने से छात्र गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे संभाला और परिजनों को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और घायल छात्र को उपचार के लिए मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल में चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा था, लेकिन उसकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। तीन दिन तक चले उपचार के बाद बृहस्पतिवार को छात्र ने दम तोड़ दिया। बेटे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना के बाद मोहल्ले के लोगों ने भी गहरा दुख जताया। वहीं बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों और विद्यालय स्टाफ ने भी छात्र के निधन पर शोक व्यक्त किया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
स्थानीय लोगों ने नगर क्षेत्र में बढ़ती आवारा पशुओं की समस्या पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि सड़कों पर घूम रहे आवारा सांड और पशु लगातार हादसों का कारण बन रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर भेजने की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।