पैतृक जड़ों से जुड़ाव
विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे सबसे बड़ा कारण अपने पैतृक क्षेत्र और जड़ों से जुड़ाव है। कई फिल्मी सितारे भले ही बड़े शहरों में रहते हों, लेकिन उनका अपने गांव या कस्बे से भावनात्मक रिश्ता बना रहता है।
जमीन खरीदना या वहां निवेश करना इस जुड़ाव को मजबूत करने का एक तरीका माना जाता है। महानायक अमिताभ बच्चन ग्रामीण परिवेश से ताल्लुक रखते हैं। अब गांव में जमीन खरीदकर उन्होंने गांव से अपने रिश्ते को और मजबूत किया है।
नवाजुद्दीन सिद्दीकी का उदाहरण भी इसी से जुड़ा हुआ है। उनका परिवार लंबे समय से मुजफ्फरनगर जनपद के बुढ़ाना क्षेत्र से जुड़ा रहा है और वहां जमीन खरीदकर उन्होंने अपने पैतृक क्षेत्र से संबंध को और मजबूत किया है। नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने 55 बीघा जमीन की रजिस्ट्री कराई है। जिसकी कीमत छह करोड़ रुपये बताई गई है।
बुढ़ाना में उप निबंधक कार्यालय में कागजात पर हस्ताक्षर करते वॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी।
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लाइफस्टाइल में बदलाव
कोविड महामारी के बाद लोगों की जीवनशैली में भी बड़ा बदलाव आया है। वर्क फ्रॉम होम और डिजिटल सुविधाओं के बढ़ने से अब बड़े शहरों में रहना उतना अनिवार्य नहीं रह गया है। इंटरनेट और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण लोग दूर-दराज के इलाकों में रहते हुए भी अपने काम को आसानी से संभाल सकते हैं।
आने वाले समय में बढ़ सकता है ट्रेंड
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में गांवों और छोटे शहरों में जमीन खरीदने का यह ट्रेंड और तेजी से बढ़ सकता है। बेहतर सड़क, इंटरनेट और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
यही वजह है कि अब बड़े उद्योगपतियों से लेकर फिल्मी सितारों तक कई लोग गांवों की जमीन को न सिर्फ सुरक्षित निवेश बल्कि सुकून भरी जिंदगी के विकल्प के रूप में भी देखने लगे हैं।