उसी दिन कुश्ती कोच डॉ. जबर सिंह सोम ने एक प्रार्थना पत्र थाने में दिया कि घटना के दिन ध्वजारोहण कार्यक्रम में वह आमंत्रित थे। कार्यक्रम के दौरान उनके निजी सुरक्षाकर्मी श्रीपाल की राइफल से गोली चल गई। यह गोली एक कर्मचारी को लग गई और गार्ड मौके से फरार हो गया।
सपा नेता अतुल प्रधान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। पुलिस ने विवेचना करते हुए आरोपी श्रीपाल को गैर इरादतन हत्या के आरोप में दंडित किए जाने के लिए न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। इस केस में मृतक के भाई सूरज प्रजापति, जबर सिंह और अतुल प्रधान सहित कुल 13 गवाह शामिल किए गए।
कोर्ट ने दोनों को पक्ष द्रोही माना
न्यायालय में जबर सिंह सोम ने कहा कि पुलिस वालों ने डरा धमकाकर तहरीर ले ली थी कि गोली उनके निजी सुरक्षाकर्मी श्रीपाल की राइफल से चली। वहीं, अतुल प्रधान ने जबर सिंह सोम के निजी सुरक्षाकर्मी श्रीपाल की राइफल से गोली लगने से किसी की मृत्यु होने की जानकारी से इनकार किया। अभियोजन पक्ष के निवेदन पर दोनों गवाहों को न्यायालय द्वारा पक्षद्रोही घोषित किया गया।